जयपुर, 10 सितंबर । राजस्थान में नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण में बुधवार को 162 शहरी निकायों में मतदान हुआ। निर्वाचन विभाग की ओर से गुरुवार सुबह जारी अंतिम आंकड़ों के अनुसार इन निकायों में कुल 57 लाख 52 हजार 280 मतदाता थे, जिनमें से 43 लाख 95 हजार 488 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। कुल मतदान 76.41 प्रतिशत रहा। मतदान प्रतिशत के आंकड़ों ने एक दिलचस्प तस्वीर सामने रखी है जिसमें बड़े नगर निगमों की तुलना में छोटी नगर पालिकाओं में मतदाताओं ने ज्यादा उत्साह दिखाया।
पहले चरण में सबसे ज्यादा मतदान प्रतापगढ़ जिले की अरनोद नगर पालिका में हुआ। यहां 5,190 मतदाताओं में से 4,774 ने मतदान किया और मतदान प्रतिशत 91.98 प्रतिशत रहा। यह पूरे चरण में सर्वाधिक मतदान है। इसके बाद भीलवाड़ा जिले की बीगोद नगर पालिका में 91.85 प्रतिशत और धौलपुर की सैपऊ नगर पालिका में 90.87 प्रतिशत मतदान हुआ। डीग की पहाड़ी नगर पालिका में भी 90.36 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाला।
इसके उलट भीलवाड़ा नगर निगम में मतदान प्रतिशत सबसे कम रहा। यहां 2 लाख 96 हजार 682 मतदाताओं में से 1 लाख 89 हजार 390 ने मतदान किया। मतदान प्रतिशत 63.84 प्रतिशत रहा।
निर्वाचन विभाग के आंकड़ों में इसे पहले चरण का न्यूनतम मतदान प्रतिशत माना गया है।
बड़े नगर निकायों में अलवर नगर निगम में 65.75 प्रतिशत, बीकानेर नगर निगम में 68.97 प्रतिशत, जबकि भरतपुर नगर निगम में 73.68 प्रतिशत मतदान हुआ। यानी बड़े नगर निगमों में भी मतदान का स्तर अलग-अलग रहा। सबसे ज्यादा और सबसे कम मतदान वाले निकायों के बीच 28.14 प्रतिशत अंक का अंतर रहा। अरनोद के 91.98 प्रतिशत मतदान के मुकाबले भीलवाड़ा नगर निगम में 63.84 प्रतिशत मतदान हुआ। यह अंतर बताता है कि मतदाता भागीदारी में स्थानीय स्तर पर काफी बड़ा फर्क रहा।
जयपुर जिले के किशनगढ़-रेनवाल में 83.41 प्रतिशत मतदान हुआ। वहीं जयपुर जिले की कई नगर पालिकाओं में मतदान 87 से 89 प्रतिशत के बीच रहा। भरतपुर नगर निगम में इस बार 73.68 प्रतिशत मतदान हुआ। अलवर में 65.75 और बीकानेर में 68.97 प्रतिशत मतदान हुआ।