मीरजापुर : 17 की उम्र में तिरंगे में लिपटा लौटा था गौरा का लाल, मां बोली-एक और बेटा होता तो उसे भी सीमा पर भेजती

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मीरजापुर, 13 अगस्त । आज की जेन-जी जहां मोबाइल, सोशल मीडिया, संगीत और वीडियो की दुनिया में व्यस्त है, वहीं जिगना क्षेत्र के गौरा गांव का एक ऐसा लाल भी था, जिसने महज 16 साल की उम्र में भारतीय सेना की वर्दी पहन ली और 17 की उम्र में मातृभूमि की रक्षा करते हुए शहीद हो गया। यह कहानी है गांव के इकलौते बेटे रवि सिंह की, जिसकी शहादत आज भी गांव के लोगों के लिए गर्व और आंखों में नमी का कारण है।

संजय सिंह और रेखा सिंह को वर्षों की मन्नतों के बाद तीन नवंबर 1993 को इकलौता पुत्र प्राप्त हुआ था। घर में खुशियां छा गईं और माता-पिता ने बेटे को बड़े अरमानों से पाला। लेकिन रवि के मन में बचपन से ही देशसेवा का जुनून था। महज 16 वर्ष की उम्र में वह सेना में भर्ती हो गए और सीमा पर देश की रक्षा में डट गए।

17 अगस्त 2020 की रात जम्मू-कश्मीर के बारामूला सेक्टर में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान रवि ने अदम्य साहस दिखाया। आतंकियों को ढेर करते हुए वह सीने में गोली लगने से शहीद हो गए। यूनिट 13 जीडी, 29 आरआर के इस युवा जवान का तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर जब गांव की चौखट पर पहुंचा तो अंतिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। आसमान भी मानो वीर सपूत की विदाई में रो पड़ा और बादलों से बारिश की बूंदें आंसुओं की तरह बरसती रहीं।

इकलौते बेटे को खोने का दर्द आज भी पिता संजय सिंह के सीने में है। वह कहते हैं कि बेटे को खोने का मलाल जिंदगी भर रहेगा, लेकिन गर्व है कि उनका इकलौता बेटा मातृभूमि के काम आया।

मां रेखा सिंह की आंखों में बेटे की याद आज भी ताजा है। वह कहती हैं, “जिगर का टुकड़ा नहीं रहा। बस एक चिंता रह गई कि अगर एक और बेटा होता तो उसे भी तिलक लगाकर देश की सीमा की रक्षा के लिए भेज देती।”

गांव के युवा मनीष उर्फ सोनू सिंह बताते हैं कि शहादत से करीब छह महीने पहले रवि गांव आए थे। चंद्रशेखर आजाद इंटर कॉलेज में वह युवाओं को सेना में भर्ती होने के लिए प्रेरित करते थे। उन्हें संगीत और वीडियो में कोई खास दिलचस्पी नहीं थी। उनका जुनून सिर्फ इतना था कि गांव के अधिक से अधिक युवा सेना में जाएं और मातृभूमि की रक्षा करें।

गंगा तट स्थित रामलीला मैदान में शहीद रवि सिंह की समाधि स्थल पर हर वर्ष उनकी शहादत दिवस पर मेला और श्रद्धांजलि सभा आयोजित होती है। इस दौरान गणमान्य लोगों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचकर वीर सपूत को नमन करते हैं।

गुरुवार को छानबे ब्लॉक प्रमुख सुमन सिंह और प्रमुख प्रतिनिधि शुभम सिंह ने शहीद के घर पहुंचकर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए और श्रद्धांजलि दी। ब्लॉक प्रमुख ने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि देश की रक्षा के लिए प्राण न्योछावर करने वाले वीर सपूतों का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। शहीद परिवार का सम्मान करना समाज और देश की जिम्मेदारी है।

इस दौरान छानबे मंडल अध्यक्ष प्रीतेश सिंह, मंडल उपाध्यक्ष मंगला प्रसाद पांडेय, मंडल महामंत्री वरुण शुक्ला, नागेंद्र बहादुर सिंह, क्षेत्र पंचायत सदस्य कृष्ण कुमार दीक्षित, जित बहादुर, लालजी बिंद, महेश सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे। सभी ने शहीद रवि सिंह को पुष्प अर्पित कर उनके बलिदान को नमन किया।