लखनऊ, 13 अगस्त । लखनऊ स्थित ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ फाॅर्मेसी में गुरूवार को “आनंदी माँ–एक जीवन बचाओ अभियान (कैंसर मुक्त भारत यात्रा) 2026-27” के अंतर्गत एचपीवी एवं कैंसर जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को संबोधित करते हुए डॉ. अमृता यादव ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए एचपीवी वैक्सीनेशन आवश्यक है। उन्होंने कैंसर के प्रमुख लक्षणों, जोखिम कारकों, बचाव के उपायों, नियमित स्वास्थ्य जांच तथा बीमारी की समय पर पहचान और उपचार के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
अर्चिता तिवारी ने कहा कि “कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के विरुद्ध लड़ाई में जागरूकता, समय पर जांच और वैज्ञानिक जानकारी सबसे प्रभावी हथियार हैं। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजय तनेजा ने कहा कि विश्वविद्यालय का दायित्व केवल विद्यार्थियों को अकादमिक शिक्षा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि उन्हें स्वस्थ, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक के रूप में विकसित करना भी है। ऐसे जन-जागरूकता कार्यक्रम इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।”
प्रो. तनेजा ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए आयोजकों एवं प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए स्वास्थ्य जागरूकता को शिक्षा व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए। संगोष्ठी में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों की 50 से अधिक महिला शिक्षकों एवं छात्राओं ने सक्रिय सहभागिता की।