सारण, 26 अगस्त । नेपाल के क्षेत्रों से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण सारण जिले में संभावित बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गए हैं।
बुधवार को समाहरणालय में जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और वरीय पुलिस अधीक्षक रोशन कुमार की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिला और प्रखंड स्तर के अधिकारियों ने प्रत्यक्ष व वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हिस्सा लिया।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को पूरी तत्परता से ड्यूटी पर तैनात रहने का निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि बिना सक्षम अनुमति के कोई भी प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी अपना मुख्यालय नहीं छोड़ेगा।
जिला प्रशासन द्वारा संवेदनशील स्थलों पर 24 घंटे नजर रखने, पर्याप्त बालू-बोरी की व्यवस्था करने और अभियंताओं को लगातार तटबंधों के निरीक्षण का आदेश दिया गया। सभी बीडीओ को क्षेत्रों में माइकिंग कराकर लोगों को सतर्क करने का निर्देश दिया गया।
दियारा क्षेत्रों में ओवरलोडिंग रोकने और अंधेरे में नाव चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। नावों पर लाइफ जैकेट की उपलब्धता अनिवार्य की गई है। साथ ही प्रखंडों में सुरक्षित स्थानों पर कम्युनिटी किचन, सूखा राशन, पॉलीथिन शीट, जनरेटर और टेंट की तैयारी पूरी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
अस्पतालों में एंटी-वेनम, ब्लीचिंग पाउडर, क्लोरीन टैबलेट और जीवनरक्षक दवाएं उपलब्ध कराने को कहा गया है।पथ निर्माण विभाग को सड़क क्षतिग्रस्त होने पर तत्काल मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं।
एसएसपी रोशन कुमार ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि उन्हें अपने इलाके में कम्युनिटी किचन, ऊंचे आश्रय स्थलों और मेडिकल सुविधाओं की सटीक जानकारी होनी चाहिए। चौकीदारों को सक्रिय कर वायरलेस, मोबाइल और व्हाट्सएप ग्रुप को 24 घंटे चालू रखने को कहा गया है।
वहीं सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक खबरों की सख्त निगरानी और त्वरित फैक्ट-चेक का आदेश दिया गया है ताकि अफवाह और पैनिक न फैले।
जिलाधिकारी ने दोहराया कि संभावित आपदा में पूर्व तैयारी ही सबसे प्रभावी बचाव है, और आमजन की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।