उत्तराखंड को वन संरक्षण के लिए केंद्र की बड़ी मदद, तीन वर्षों में कैम्पा से 945.69 करोड़ मंजूर

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देहरादून, 27 अगस्त । उत्तराखंड में वन एवं जैव विविधता संरक्षण के लिए केंद्र सरकार लगातार वित्तीय सहयोग दे रही है। राष्ट्रीय प्राधिकरण कैम्पा के तहत पिछले तीन वर्षों में राज्य में 945.69 करोड़ रुपये के कार्य मंजूर किए गए हैं। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र भेजकर केंद्र के सहयोग और आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र सरकार के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तराखंड की विशिष्ट हिमालयी पारिस्थितिकी,वन संपदा और जैव विविधता का संरक्षण राज्य की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि केंद्र के निरंतर सहयोग से पर्यावरण संरक्षण और वन प्रबंधन से जुड़े प्रयासों को और गति मिलेगी।

पत्र के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में राष्ट्रीय प्राधिकरण कैम्पा के तहत उत्तराखंड में 945.69 करोड़ रुपये की धनराशि के कार्यों को मंजूरी दी गई है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 383.82 करोड़ रुपये, 2024-25 में 335.37 करोड़ रुपये और 2025-26 में 226.50 करोड़ रुपये के कार्य अनुमोदित किए गए।

राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 339 करोड़ रुपये का वार्षिक कार्य योजना (एपीओ) प्रस्ताव केंद्र को भेजा है। इसमें से प्रस्तावों के परीक्षण एवं मूल्यांकन के बाद राष्ट्रीय प्राधिकरण कैम्पा की ओर से अब तक 104.35 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की जा चुकी है।

केंद्रीय मंत्री के पत्र के अनुसार, एपीओ 2026-27 में प्रस्तावित शेष कार्यों की स्वीकृति के संबंध में राष्ट्रीय प्राधिकरण की कार्यकारी समिति की 40वीं बैठक में विचार किया गया है। इससे राज्य में वन संरक्षण, पारिस्थितिकी तंत्र के सुदृढ़ीकरण, जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरणीय पुनर्स्थापना से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

भूपेंद्र यादव ने पत्र में वार्षिक कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उत्तराखंड सरकार को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता भी जताई है।