मप्र: कानूनी अड़चनों में उलझा सिंधिया संपत्ति विवाद, ज्योतिरादित्य, वसुंधरा एवं यशोधरा ने कोर्ट में दर्ज कराया जवाब

Share

ग्वालियर, 17 अगस्त । मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के सिंधिया राजपरिवार की अरबों की संपत्ति के बंटवारे का राजीनामा फिर कानूनी अड़चनों में उलझ गया है। ग्वालियर अतिरिक्त सत्र न्यायालय में बड़ी बुआ की बेटी प्रतिमा देवी की आपत्ति पर ज्योतिरादित्य, वसुंधरा व यशोधरा राजे के जवाबी आवेदन पेश हुए, जिसमें आपत्ति पर सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ क्रिमिनल प्रोसीडिंग की मांग की गई है और अगली सुनवाई 25 अगस्त तय हुई है।

दरअसल, ग्वालियर स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायालय (एडीजे) में सोमवार को सिंधिया राजपरिवार के बहुचर्चित संपत्ति विवाद के समझौते पर सुनवाई हुई। यह मामला केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की बड़ी बुआ दिवंगत पद्मावती राजे की बेटी प्रतिमा देवी राना (त्रिपुरा राजघराने से संबंधित) द्वारा दर्ज कराई गई कड़ी आपत्ति के बाद दोबारा पेचीदा हो गया है।

इस विवाद की शुरुआत तब हुई थी जब वसुंधरा राजे, उषा राजे और यशोधरा राजे ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से पैतृक संपत्ति में अपना हिस्सा पाने के लिए सिविल सूट दायर किया था। लंबे चले कानूनी विवाद के बाद हाल ही में सभी पक्षों ने आपसी सहमति से एक समझौता प्रस्ताव (राजीनामा) तैयार कर कोर्ट में पेश किया था।

मूल दावे में दिवंगत बड़ी बुआ पद्मावती राजे की दोनों बेटियों कनिका देवी सिंह और प्रतिमा देवी राना को भी पक्षकार बनाया गया था। हालांकि, पूर्व में सुनवाई के दौरान अनुपस्थित रहने के कारण अदालत ने उन्हें ‘एक्स पार्टी’ (एकपक्षीय) घोषित कर दिया था।

जैसे ही संपत्ति बंटवारे का समझौता प्रस्ताव सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ा, प्रतिमा देवी ने कोर्ट में आवेदन देकर प्रक्रिया में दोबारा शामिल होने और समझौते में अपना हक पाने की गुहार लगाई। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की सबसे बड़ी बुआ दिवंगत पद्मावती राजे का विवाह त्रिपुरा के राज परिवार में हुआ था और उनकी दो बेटियां प्रतिमा देवी व कनिका देवी हैं। जब सिंधिया राज परिवार के मुख्य सदस्यों के बीच अंतिम समझौता ड्राफ्ट हुआ, तो उसमें पद्मावती राजे के उत्तराधिकारियों को शामिल नहीं किया गया था। इसी उपेक्षा से नाराज होकर प्रतिमा देवी ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, क्योंकि पद्मावती राजे भी संपत्ति में बराबर की हिस्सेदार थीं और उनकी बेटियों को छोड़े जाने से यह राजीनामा कानूनी रूप से पेचीदा हो गया।

सोमवार को हुई सुनवाई में केंद्रीय मंत्री व सिंधिया राजघराने के मुखिया ज्योतिरादित्य सिंधिया, राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे और मध्य प्रदेश की पूर्व मंत्री यशोधरा राजे के जवाब आवेदन कोर्ट में पेश किए गए।

जवाब आवेदन में बुआओं (वसुंधरा व यशोधरा राजे) ने कहा है कि जब प्रतिमा देवी ने पहले खुद को समझौते से बाहर रखकर सहमति दी थी, तो अब आपत्ति लगाने का क्या मतलब है। इसके साथ ही जवाबी आवेदन में प्रतिमा राजे के खिलाफ क्रिमिनल प्रोसीडिंग चलाए जाने तक की बात कही गई है।

सुनवाई के दौरान प्रतिमा देवी की जगह उनकी बेटी शिवांगी देवी अपने पति के साथ ग्वालियर कोर्ट पहुंची थीं। तीनों प्रमुख पक्षों के जवाबी आवेदन आने के बाद कोर्ट ने इस पर विस्तार से सुनवाई के लिए अगली तारीख 25 अगस्त 2026 निर्धारित की है।