रांची में धरना-प्रदर्शन, जुलूस और रैली के लिए पूर्व अनुमति जरूरी

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रांची, 23 अगस्त । राजधानी रांची में लगातार हो रहे धरना-प्रदर्शन, घेराव, जुलूस, रैली और आमसभाओं को लेकर जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने से पहले सक्षम प्राधिकारी, रांची सदर या बुंडू के अनुमंडल पदाधिकारी से निर्धारित प्रक्रिया के तहत पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

जिला प्रशासन के अनुसार, रांची के विभिन्न इलाकों में समय-समय पर बड़ी संख्या में लोग धरना-प्रदर्शन, जुलूस, रैली और आमसभाओं में शामिल होते हैं। कई बार आयोजकों की ओर से कार्यक्रम की पूर्व सूचना प्रशासन को नहीं दी जाती। अचानक भीड़ जुटने या जुलूस निकलने से यातायात प्रभावित होने के साथ विधि-व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा के सामने भी चुनौती पैदा होती है।

प्रशासन ने कहा कि कार्यक्रम से पहले आयोजकों को आयोजन से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध करानी होगी, ताकि सुरक्षा, विधि-व्यवस्था और यातायात नियंत्रण के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जा सकें। विशेष रूप से जुलूस और रैली के आयोजकों को प्रस्तावित मार्ग, कार्यक्रम की तिथि, प्रारंभ और समाप्ति का समय तथा संभावित प्रतिभागियों की संख्या की जानकारी देनी होगी। आवश्यकता के अनुसार कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रमुख व्यक्तियों का विवरण भी प्रशासन को देना होगा।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण तरीके से धरना और विरोध-प्रदर्शन करना नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों का हिस्सा है। हालांकि, इस अधिकार का प्रयोग सार्वजनिक व्यवस्था, जन-सुरक्षा, यातायात और अन्य नागरिकों के अधिकारों को ध्यान में रखते हुए लागू कानूनों तथा सक्षम प्राधिकारी के वैध निर्देशों के तहत किया जाना चाहिए।

प्रशासन ने कहा कि अनुमति की प्रक्रिया का उद्देश्य लोकतांत्रिक तरीके से होने वाले शांतिपूर्ण कार्यक्रमों को रोकना नहीं है। इसका उद्देश्य कार्यक्रम में शामिल लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ शहर की कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है।

प्रशासन के मुताबिक, ऐसे आयोजनों के कारण कई बार आम लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। एंबुलेंस, स्कूल वाहनों, सार्वजनिक परिवहन और अन्य आवश्यक सेवाओं के आवागमन पर भी असर पड़ सकता है। इसलिए आयोजकों से कार्यक्रम की पूर्व सूचना देने और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने की अपील की गई है।

साथ ही सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान ऐसा कोई कार्य नहीं करने को कहा गया है, जिससे सार्वजनिक मार्ग या स्थान पर अनधिकृत रूप से आवागमन बाधित हो। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी भी कार्यक्रम के कारण जन-सुरक्षा प्रभावित नहीं होनी चाहिए और न ही आम नागरिकों के अधिकारों में अनुचित हस्तक्षेप होना चाहिए।

जिला प्रशासन ने छात्रों और आम नागरिकों से अपील की है कि किसी धरना-प्रदर्शन, रैली या जुलूस में शामिल होने से पहले आयोजकों से कार्यक्रम की वैधानिक स्थिति और प्रशासन की ओर से निर्धारित शर्तों की जानकारी जरूर लें। प्रशासन ने अफवाह, सोशल मीडिया पोस्ट या भ्रामक सूचनाओं के आधार पर ऐसा कोई कदम नहीं उठाने की अपील की है, जिससे कानून-व्यवस्था, सुरक्षा या यातायात व्यवस्था प्रभावित हो।

प्रशासन ने राजनीतिक दलों, सामाजिक एवं स्वयंसेवी संगठनों, विभिन्न संस्थाओं, छात्र संगठनों और आम नागरिकों से सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन में निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करने तथा आवश्यक जानकारी समय पर उपलब्ध कराने की अपील की है, ताकि सुरक्षा, विधि-व्यवस्था और यातायात के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जा सके।————