शिमला, 13 अगस्त । हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध लोक कलाकार डॉ. जोगिंदर हब्बी को लोक नृत्य के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक समारोह में प्रदान किया।
यह जानकारी पद्मश्री सम्मान प्राप्त वरिष्ठ साहित्यकार एवं लोक संस्कृति विशेषज्ञ विद्यानंद सरैक और उस्ताद बिस्मिल्लाह खान पुरस्कार से सम्मानित लोक कलाकार गोपाल हब्बी ने संयुक्त बयान में दी। उन्होंने बताया कि संगीत नाटक अकादमी, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से देश के विभिन्न क्षेत्रों में कला और संस्कृति के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले कलाकारों को सम्मानित किया गया।
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह का शुभारंभ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, संस्कृति मंत्रालय में राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल, संगीत नाटक अकादमी की अध्यक्ष डॉ. संध्या पुरेचा सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
डॉ. जोगिंदर हब्बी लंबे समय से हिमाचल प्रदेश, विशेष रूप से सिरमौर जिले की लोक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्हें लोक नृत्य के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया है।
विद्यानंद सरैक और गोपाल हब्बी ने कहा कि डॉ. हब्बी के नेतृत्व में पिछले लगभग तीन से साढ़े तीन दशकों से लोक कलाकारों ने देश और विदेश के हजारों मंचों पर सिरमौर की हाटी संस्कृति को पहचान दिलाने का कार्य किया है। उन्होंने पारंपरिक लोक संस्कृति को मूल स्वरूप में बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए हैं। इस दौरान उन्होंने रीमिक्स गीतों और इलेक्ट्रॉनिक वाद्य यंत्रों से दूरी बनाए रखते हुए पारंपरिक लोक वाद्य, लोक वेशभूषा, लोक गीत और लोक नृत्यों को बढ़ावा दिया।
उन्होंने बताया कि सिरमौरी नाटी सहित कई पारंपरिक और विलुप्ति की ओर बढ़ रही लोक कला विधाओं के संरक्षण में डॉ. हब्बी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। सिरमौरी नाटी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उनके प्रयासों को विभिन्न वैश्विक अभिलेखों में भी दर्ज किया जा चुका है।
लोक संस्कृति के क्षेत्र में लंबे समय से किए गए कार्यों के लिए डॉ. हब्बी को विदेश की एक विश्वविद्यालय द्वारा मानद डॉक्टरेट की उपाधि भी प्रदान की जा चुकी है।
डॉ. जोगिंदर हब्बी को मिले इस सम्मान पर पद्मश्री विद्यानंद सरैक, लोक कलाकार गोपाल हब्बी और हिमाचल प्रदेश के अनेक कलाकारों ने उन्हें बधाई दी है। उनका कहना है कि यह सम्मान हिमाचल की लोक कला और संस्कृति के संरक्षण के प्रयासों को नई ऊर्जा देगा और युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में मदद करेगा।