बक्सर, 18 अगस्त । जिला पदाधिकारी साहिला की उपस्थिति में मंगलवार को समाहरणालय परिसर स्थित कार्यालय कक्ष में भोजपुर की एक दंपति को करीब आठ माह के मासूम बच्चे को विधिवत सौंपा गया। बच्चे को अपनी गोद में पाकर दंपति की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। लंबे इंतजार के बाद बच्चे को मां की ममता और पिता का स्नेह मिलने से माहौल भावुक हो गया।
जिला प्रशासन के अनुसार लावारिस अवस्था में मिलने वाले नवजात एवं बच्चों को विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान में रखा जाता है, जहां उनकी देखभाल और पालन-पोषण किया जाता है। इच्छुक निःसंतान दंपति भारत सरकार के केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) की वेबसाइट के माध्यम से दत्तक ग्रहण के लिए आवेदन कर सकते हैं।
दत्तक ग्रहण की प्रक्रिया के तहत आवश्यक दस्तावेज निर्धारित समय-सीमा में केयरिंग पोर्टल पर अपलोड किए जाते हैं। इसके बाद गृह अध्ययन रिपोर्ट, प्रतीक्षा सूची, बच्चे का मिलान एवं आरक्षण, स्वीकृति और याचिका सहित निर्धारित प्रक्रियाएं पूरी की जाती हैं। भावी दत्तक माता-पिता की शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक क्षमता, आर्थिक सक्षमता तथा दत्तक ग्रहण की प्रेरणा का भी आकलन किया जाता है। दंपति के मामले में पति-पत्नी दोनों की सहमति तथा कम से कम दो वर्ष का स्थिर वैवाहिक संबंध भी आवश्यक है।
इस अवसर पर जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की कि लावारिस बच्चों की जानकारी मिलने पर उन्हें सुरक्षित रूप से संबंधित प्रशासनिक अथवा बाल संरक्षण इकाई तक पहुंचाएं, ताकि उन्हें उचित संरक्षण और परिवार का स्नेह मिल सके।