खूंटी, 18 जुलाई । कर्रा प्रखंड के चुरले गांव में भूमि विवाद को लेकर लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने और पुलिस पदाधिकारी के साथ धक्का-मुक्की करने के आरोप में जरियागढ़ थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह मामला अंचल निरीक्षक कर्रा राकेश कुमार के आवेदन पर दर्ज किया गया है। पुलिस ने 100 से 120 ग्रामीणों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनुमंडल दंडाधिकारी, खूंटी के 17 जुलाई 2026 के आदेश के तहत मौजा चुरले की लगभग 64.46 एकड़ विवादित भूमि पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई थी। आदेश के अनुपालन और नोटिस तामिला कराने के लिए अंचल निरीक्षक राकेश कुमार, जरियागढ़ थाना के पुलिस पदाधिकारी भरत भूषण पटेल और सशस्त्र बल के साथ शुक्रवार शाम में मौके पर पहुंचे।
आवेदन में कहा गया है कि वहां पहुंचने पर लगभग 100 से 120 ग्रामीण दो-तीन ट्रैक्टरों के माध्यम से विवादित जमीन की जुताई कर रहे थे। प्रशासन ने उन्हें निषेधाज्ञा लागू होने की जानकारी देते हुए किसी भी पक्ष को जमीन पर जाने से रोकने का आदेश सुनाया।
इसी दौरान बिकुवादाग गांव के मनोज कुमार मिश्रा, कृष्णानंद शर्मा, पंकज शर्मा, दीपशरण नाथ मिश्रा, राम शरणनाथ मिश्रा सहित 20-25 लोग मौके पर पहुंचे और जमीन पर अपना दावा जताते हुए जुताई कर रहे लोगों का विरोध करने लगे। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच बहस, नोकझोंक और धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।
प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि इसी दौरान खेत की जुताई कर रहे कुछ ग्रामीणों ने पुलिस पदाधिकारी भरत भूषण पटेल के साथ धक्का-मुक्की की और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई। काफी प्रयास के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर सभी लोगों को मौके से हटा दिया।
अंचल निरीक्षक ने अपने आवेदन में निषेधाज्ञा का उल्लंघन, हथियारों के साथ भीड़ जुटाने, शांति व्यवस्था भंग करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने को संज्ञेय अपराध बताते हुए कार्रवाई की मांग की। इसके आधार पर जरियागढ़ थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।