(राउंड अप) हिमाचल में मॉनसून का कहर, किन्नौर में बाढ़ से गांव का संपर्क टूटा, शिमला-रोहड़ू में भूस्खलन - सरस जनवाद

(राउंड अप) हिमाचल में मॉनसून का कहर, किन्नौर में बाढ़ से गांव का संपर्क टूटा, शिमला-रोहड़ू में भूस्खलन

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शिमला, 09 जुलाई । हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मॉनसूनी बारिश से कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। किन्नौर जिले में बाढ़, शिमला जिले में भूस्खलन और सिरमौर के औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में जलभराव के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। किन्नौर की लिप्पा पंचायत के पेजर नाले में वीरवार सुबह करीब छह बजे आई बाढ़ से तेती खड़ का बहाव रुक गया। इससे लिप्पा गांव को जोड़ने वाला करीब 100 फुट लंबा लोहे का पुल पूरी तरह जलमग्न हो गया और असुरक्षित हो गया। पुल के आसपास बने कई घरों पर भी खतरा मंडरा रहा है। पुल के डूबने से लिप्पा गांव का अन्य क्षेत्रों से संपर्क पूरी तरह कट गया है। लगातार बारिश से जिले के नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है और कई स्थानों पर बाढ़ जैसे हालात हैं।

उधर, कल्पा उपमंडल की कामरू पंचायत के कुप्पा क्षेत्र में चट्टानें टूटकर गिरने से कुछ मकानों को नुकसान पहुंचा है। एहतियात के तौर पर 20 परिवारों को जीरा फार्म में सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया गया है।

रोहड़ू और शिमला शहर में भूस्खलन, कई वाहन मलबे की चपेट में आए

बारिश के बीच शिमला जिले में दो स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। रोहड़ू के न्यू बस स्टैंड के पास शिमला-रोहड़ू मुख्य सड़क किनारे पहाड़ी से मलबा गिरने से एक इग्निस और एक ऑल्टो कार उसकी चपेट में आ गईं। राहत की बात यह रही कि समय रहते दोनों वाहनों को सुरक्षित निकाल लिया गया और किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। प्रशासन ने जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया है। हालांकि क्षेत्र में हल्की स्लाइडिंग अभी भी जारी है। लगातार बारिश के कारण शिकरी नदी भी उफान पर है, जो आगे पब्बर नदी में मिलती है। दूसरी ओर राजधानी शिमला में ऑकलैंड टनल के समीप अग्रवाल धर्मशाला के पास डंगा गिरने से करीब आधा दर्जन गाड़ियां मलबे की चपेट में आ गईं। शिमला शहर में सुबह से शाम तक लगातार बारिश होती रही, जिससे लोगों को आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा और मौसम में ठंडक बढ़ गई।

कालाअंब में जलभराव, प्रदेश में कई जगह अच्छी बारिश दर्ज

सिरमौर जिले के औद्योगिक क्षेत्र कालाअंब में भारी बारिश के बाद कई स्थानों पर जलभराव हो गया। सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ और कई वाहन पानी में फंस गए। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है। प्रदेश के निचले और मैदानी इलाकों में भी अच्छी बारिश हुई, जबकि ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी दर्ज की गई। पिछले 24 घंटों में चंबा के जोत में सबसे अधिक 50 मिलीमीटर वर्षा हुई। इसके अलावा बिलासपुर के मलराओं, शिमला के सराहन और चंबा के चुवाड़ी में 40-40 मिलीमीटर, जबकि सिरमौर के रेणुका और सोलन के धर्मपुर में 30-30 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।

13 जुलाई तक कई जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट

मौसम विभाग ने 10 से 13 जुलाई के बीच प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। 10 जुलाई को कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। 11 जुलाई को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। 12 जुलाई को कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भारी बारिश, जबकि शिमला और सोलन में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 13 जुलाई को कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में मध्यम से भारी बारिश का येलो अलर्ट रहेगा। मौसम विभाग ने लोगों को नदी-नालों से दूर रहने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।