सूरजपुर, 30 जुलाई । शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र बसदई में आज गुरुवार काे कलेक्टर रेना जमील ने मत्स्य बीज उत्पादन कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को किसानों को गुणवत्तायुक्त मत्स्य बीज उपलब्ध कराने और जिले में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने हैचरी, स्पॉनिंग पूल, इनक्यूवेशन पूल, प्रजनक पोखर और संवर्धन पोखरों का जायजा लिया। उन्होंने स्पॉन, फ्राई और फिंगरलिंग उत्पादन की जानकारी लेकर अधिकारियों को उत्पादन बढ़ाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
कलेक्टर ने मनरेगा, अमृत सरोवर, आजीविका डबरी और नवा तरिया जैसी योजनाओं के तहत निर्मित जल संरचनाओं का उपयोग मत्स्य उत्पादन बढ़ाने में करने को कहा। साथ ही तालाबों की मेड़ों पर फलदार पौधे और सब्जियों की खेती को बढ़ावा देने तथा रंगीन मछली और झींगा पालन के लिए भी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2026-27 में जिले के लिए 420 लाख स्पॉन और 90 लाख स्टैंडर्ड फ्राई उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 320 लाख स्पॉन का उत्पादन किया जा चुका है।
इसके बाद कलेक्टर ने ग्राम बसदई में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मत्स्य कृषक नरेंद्र सिंह की पौंड लाइनर इकाई का निरीक्षण किया। नरेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष उन्हें केवल मछली बिक्री से करीब पांच लाख रुपये की आय हुई थी। वर्तमान में वे पंगेशियस, रूपचंदा, कतला, रोहू और मृगल प्रजाति की मछलियों का पालन कर रहे हैं। इसके साथ ही वे गाय, बकरी और बतख पालन भी कर रहे हैं। कलेक्टर ने उनके बेहतर प्रबंधन और बहुआयामी आजीविका मॉडल की सराहना की।