चंडीगढ़, 11 जुलाई । मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि एआई के दौर में युवाओं को नशे से बचाना सबसे बड़ी चुनौती है। लिहाजा, सरकार केवल गिरफ्तारी नहीं, बल्कि नशे की मांग को खत्म करने पर काम कर रही है। सरकार की ओर से एक्शन प्लान तैयार किया गया है कि नशा बेचने और नशा करने वालों पर निगरानी रखने के लिए हर गांव में टास्क फोर्स बनाई जाएगी। यही नहीं, नशे के खिलाफ लड़ाई को पुलिस, परिवार और समाज के साथ मिलकर लड़ने का फैसला लिया गया है।
मुख्यमंत्री शनिवार को पंचकूला में ‘हरियाणा उदय’ अभियान के तहत ‘नशा मुक्त हरियाणा के लिए एनजीओ एवं केमिस्ट एसोसिएशनों के साथ संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि आज देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और स्टार्टअप के नए दौर में आगे बढ़ रहा है। भारत की युवा प्रतिभा आज पूरी दुनिया में अपनी क्षमता का परिचय दे रही है और देश के युवा नवाचार तथा उद्यमिता के माध्यम से विकास की नई इबारत लिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में यदि कोई युवा नशे की ओर बढ़ता है तो वह केवल अपना भविष्य ही नहीं खोता, बल्कि देश एक संभावित वैज्ञानिक, खिलाड़ी, उद्यमी, नवप्रवर्तक और राष्ट्र निर्माता को भी खो देता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के लिए प्रत्येक युवा का जीवन अमूल्य है। युवाओं के सपने बड़े हैं, उनकी क्षमता असीमित है और उनका लक्ष्य विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाना होना चाहिए। नशा किसी भी युवा की मंजिल नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि सरकार कानून बना सकती है, पुलिस अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई कर सकती है और न्यायालय न्याय सुनिश्चित कर सकते हैं, लेकिन समाज की सोच को बदलने का कार्य स्वयं समाज ही कर सकता है।
सरकार का लक्ष्य समाज से नशे की मांग को समाप्त करना
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल नशा बेचने वालों को गिरफ्तार करना नहीं है, बल्कि समाज में नशे की मांग को समाप्त करना भी है। जब परिवार जागरूक होंगे, समाज जागरूक होगा और युवा स्वयं नशे से दूरी बनाएंगे, तब नशे का अवैध कारोबार स्वतः कमजोर पड़ने लगेगा। यही सामुदायिक पुलिसिंग की सबसे बड़ी शक्ति है और यही इस अभियान की सफलता का आधार बनेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को जीवनभर के लिए नशे का आदी मान लेना उचित नहीं है। ऐसे लोगों को समाज से अलग करने के बजाय उन्हें दोबारा सामान्य जीवन में लौटने का अवसर देना चाहिए।
समाजसेवी संगठनों से गांव-गांव अभियान चलाने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार ने जिला और स्थानीय स्तर पर टास्क फोर्स गठित करने का निर्णय लिया है। इस टास्क फोर्स में संबंधित क्षेत्र के एसडीएम, बीडीपीओ, ग्राम सरपंच तथा नशा विरोधी अभियान से जुड़े एनजीओ के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा, ताकि जमीनी स्तर पर समन्वित कार्रवाई और जनजागरूकता अभियान को प्रभावी बनाया जा सके। उन्होंने समाजसेवी संगठनों से हर गांव, हर वार्ड और हर मोहल्ले में नशा विरोधी जागरूकता अभियान चलाने का आग्रह किया। उन्होंने सभी नागरिकों से स्वयं नशे से दूर रहने, अपने परिवार को नशे से बचाने तथा अपने गांव, मोहल्ले और शहर को नशा मुक्त बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।