जालंधर, 20 जून । जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने जबरन वसूली और फायरिंग की वारदातों में शामिल एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए इसके चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से तीन आधुनिक पिस्तौल और बड़ी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
प्रारंभिक जांच में गिरफ्तार आरोपित विदेशों में बैठे आपराधिक हैंडलरों के सीधे संपर्क में थे और उनके इशारों पर ही वारदातों को अंजाम देते थे। पुलिस के अनुसार, इस गिरफ्तारी से पंजाब के दो जिलों में टारगेट किलिंग और दहशत फैलाने की एक बड़ी साजिश को विफल कर दिया गया है।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ अपराधी शहर में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जाल बिछाया और गिरोह के चार सदस्यों को हथियारों सहित गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ कि आरोपी विदेशों में बैठे अपने आकाओं के निर्देश पर काम कर रहे थे। ये हैंडलर इंटरनेट कॉलिंग और सोशल मीडिया ऐप्स के माध्यम से उन्हें टारगेट और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराते थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गिरफ्तार आरोपी जालंधर और शहीद भगत सिंह नगर जिले में फायरिंग की कई घटनाओं की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने में शामिल थे। गिरोह का मुख्य उद्देश्य व्यापारियों और प्रभावशाली लोगों को डराकर उनसे मोटी रकम वसूलना था।
पुलिस के मुताबिक गिरोह के सदस्यों ने हाल के दिनों में दहशत फैलाने के उद्देश्य से कई स्थानों की रेकी भी की थी। समय रहते की गई कार्रवाई के चलते संभावित बड़ी वारदातों को टालने में सफलता मिली है।
इस मामले में जालंधर कमिश्नरेट के भार्गो कैंप थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपितों तक हथियार कहां से पहुंचे और स्थानीय स्तर पर उन्हें किसने सहयोग दिया। गिरोह के पुराने और मौजूदा संपर्कों की जांच के लिए तकनीकी टीमों की भी मदद ली जा रही है।