वाराणसी : मानसून की बारिश में लापरवाही पर नपेंगे अफसर, नगर निगम का कड़ा रुख

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वाराणसी, 28 जून । उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में आगामी मानसून को देखते हुए वाराणसी नगर निगम ने शहर में जलभराव के दौरान संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सख्त रुख अपनाया है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), जलकल विभाग, नगर निगम के मुख्य अभियंताओं तथा नगर स्वास्थ्य अधिकारी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बारिश के दौरान यदि किसी भी क्षेत्र में खुला, क्षतिग्रस्त या बिना ढक्कन का मैनहोल अथवा गली पिट पाया गया, तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

नगर आयुक्त ने कहा कि लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी और किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

दरअसल, 27 जून को आयोजित नगर निगम की कार्यकारिणी समिति की बैठक में सदस्यों ने यह मुद्दा उठाया था कि भारी बारिश के दौरान सड़कों पर जलभराव होने से टूटे या खुले मैनहोल दिखाई नहीं देते, जिससे आमजन के साथ गंभीर दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। इसके अलावा क्षतिग्रस्त या खुले ड्रेनेज कवरों से शहर की जल निकासी और सफाई व्यवस्था भी प्रभावित होती है। कार्यकारिणी समिति की चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त ने सभी संबंधित विभागों को अपने-अपने क्षेत्रों में मैनहोल, गली पिट और ड्रेनेज कवरों का तत्काल व्यापक सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। सर्वे के दौरान जहां भी कवर टूटे, क्षतिग्रस्त या गायब मिलें, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तत्काल बदलने या मरम्मत कराने को कहा गया है।

नगर आयुक्त ने निर्देशित किया कि इस अभियान की अनुपालन आख्या (प्रगति रिपोर्ट) शीघ्र नगर निगम को उपलब्ध कराई जाए, ताकि आगामी कार्यकारिणी समिति की बैठक में इसकी समीक्षा की जा सके। आदेश की प्रतिलिपि महापौर, वाराणसी मंडल के आयुक्त, जिलाधिकारी तथा सभी जोनल अधिकारियों को भी भेजी गई है। जोनल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों का नियमित स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे मानसून के दौरान जनसुरक्षा से जुड़े सभी कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे किए जा सकें।