नेपालः गृहमंत्री पद की शपथ लेते ही सुदन गुरूंग ने दरबार हत्याकांड की जांच के दिए आदेश

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काठमांडू, 09 जून । नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने आज मंत्रिपरिषद का विस्तार किया । आज राष्ट्रपति रामचन्द्र पौडेल के समक्ष सुधन गुरूंग ने गृह मंत्री तथा महावीर पुन ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नव प्रवर्तन मंत्री पद की शपथ ली।

गृहमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही अपने पहले आदेश के तहत सुधन गुरूंग ने नारायणहिटी राजदरबार हत्याकांड की आगे की जांच कराने की घोषणा की है। उन्होंने 1 जून, 2001 को हुए नारायणहिटी राजदरबार हत्याकांड से संबंधित पहले की जांच रिपोर्टों का अध्ययन कर मामले में आगे की जांच प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

उन्होंने कहा कि अब तक तैयार किए गए विभिन्न जांच प्रतिवेदनों की समीक्षा के आधार पर हत्याकांड के संबंध में अतिरिक्त छानबीन की जाएगी और आवश्यक प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि काठमांडू स्थित नारायणहिटी पैलेस में 1 जून, 2001 को रात्रिभोज के गोलीबारी कर एक भीषण नरसंहार किया गया था। तत्कालीन नेपाल नरेश वीरेन्द्र विक्रम शाह व रानी ऐशवर्या सहित राज परिवार के 9 सदस्य मारे गए थे। सरकारी जांच के अनुसार युवराज दीपेन्द्र ने ही अपने परिवार के सदस्यों को मौत के घाट उतार दिया था। कारण यह बताया गया कि वे अपनी पसंद की लड़की से शादी करना चाहते थे, जिसके लिए नेपाल नरेश वीरेन्द्र तैयार नहीं थे।

इसी से नाराज होकर उन्होंने अपने छोटे भाई बहन सहित पूरे परिवार को मौत के घाट उतार दिया। हांलाकि सुरक्षा बलों द्वारा की गई कार्रवाई में युवराज दीपेन्द्र भी बुरी तरह घायल हो गए। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसमें उनके कोमा में रहते हुए ही नेपाल का अगला राजा घोषित किया गया। हांलाकि उसके दो दिन बाद ही उनकी मृत्यु हो गई। जिसके बाद उनके चाचा ज्ञानेन्द्र को गद्दी मिली। पर वे इस पर लंबे समय तक नहीं रह सके। उनकी नीतियों के चलते नेपाल में जनांदोलन खड़ा हुआ और अंततः 2008 में राजशाही का अंत हो गया।

यही कारण है कि नेपाल में राज परिवार के नरसंहार को लेकर संदेह हमेशा से रहा है। जिस तरह से पूरा राज परिवार खत्म हुआ, उसको लेकर लोग सच जानना चाहते हैं।