पलामू में भाजपा ने मनाया ‘संविधान हत्या दिवस’, आपातकाल को बताया लोकतंत्र का काला अध्याय

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पलामू, 27 जून । आपातकाल के 51 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को देशभर की तरह झारखंड के पलामू में भी ‘संविधान हत्या दिवस’ मनाया। कार्यक्रम में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए और अपने-अपने विचार रखे।

मेदिनीनगर स्थित दीनदयाल सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि 25 जून 1975 को देश में आपातकाल लागू कर लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक मूल्यों को क्षति पहुंचाई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज संविधान की बात करती है, जबकि आपातकाल उसके राजनीतिक इतिहास का ऐसा अध्याय है जिसे भुलाया नहीं जा सकता।

आदित्य साहू ने कहा कि आपातकाल के दौरान लोकतंत्र और संविधान में आस्था रखने वाले अनेक लोगों को मीसा (मेंटेनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट) के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा गया और उन्हें प्रताड़नाएं झेलनी पड़ीं। साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार पिछले 12 वर्षों से सुशासन, सेवा और जनकल्याण की दिशा में कार्य कर रही है तथा गांव, गरीब, किसान, महिला और युवाओं तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

झारखंड विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष इंदर सिंह नामधारी ने इस मौके पर कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय है। उनके अनुसार उस दौर में संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों को गंभीर आघात पहुंचा, जिसका राजनीतिक परिणाम भी बाद में सामने आया। उन्होंने जनसेवा को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि स्वार्थ की राजनीति से देश और समाज दोनों का नुकसान होता है।

पलामू सांसद विष्णु दयाल राम ने कहा कि आपातकाल के दौरान अनेक लोगों को बिना उचित कारण गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, जिससे लोकतांत्रिक व्यवस्था पर लोगों का विश्वास प्रभावित हुआ। उन्होंने कहा कि बाद में जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से अपना निर्णय दिया।

प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्र ने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र और संविधान पर एक गंभीर आघात था, जिसकी स्मृति आज भी लोगों के मन में बनी हुई है।

कार्यक्रम में मीसा बंदी रहे तारकेश्वर आजाद, रविशंकर पांडे तथा अन्य वक्ताओं ने भी आपातकाल के दौरान अपने अनुभव साझा किए और उस समय की परिस्थितियों का उल्लेख किया।

कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, झारखंड विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष इंदर सिंह नामधारी, पलामू सांसद विष्णु दयाल राम, प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्र और मनोज सिंह, पांकी विधायक शशिभूषण मेहता, मेयर अरुण शंकर, पूर्व मंत्री कमलेश सिंह तथा वरिष्ठ नेता श्याम नारायण दुबे सहित कई नेता शामिल हुए।