जेईई एडवांस्ड-2026 की परीक्षा में 56,880 अभ्यर्थी सफल, कट-ऑफ में 18 अंक की बढ़ोतरी, टॉप थ्री पर दिल्ली जोन के शुभम, कबीर और जतिन

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नई दिल्ली, 01 जून । भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की ने आज संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) एडवांस्ड-2026 का परिणाम घोषित कर दिया। इस वर्ष परीक्षा में दिल्ली जोन के शुभम कुमार ने 360 में से 330 अंक प्राप्त कर पहला स्थान हासिल किया। दूसरे स्थान पर दिल्ली जोन के कबीर छिल्लर रहे, जिन्होंने 329 अंक प्राप्त किए, जबकि जतिन चाहर 319 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। इस तरह शीर्ष तीनों स्थानों पर दिल्ली जोन के अभ्यर्थियों का कब्जा रहा।

आईआईटी रुड़की ने परिणाम निर्धारित समय से पहले जारी करते हुए अंतिम उत्तर कुंजी भी प्रकाशित कर दी। अभ्यर्थी अपना परिणाम आधिकारिक वेबसाइट पर रोल नंबर, जन्मतिथि और पंजीकृत मोबाइल नंबर की सहायता से देख सकते हैं।

इस वर्ष जेईई एडवांस्ड के लिए 1,87,389 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया। इनमें से 1,79,694 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए और 56,880 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया। सफल अभ्यर्थी अब भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में प्रवेश के लिए संयुक्त सीट आवंटन प्रक्रिया (जोसा) की काउंसिलिंग में भाग ले सकेंगे। सफल अभ्यर्थियों में 10,107 छात्राएं भी शामिल हैं।

इस बार सामान्य वर्ग की कट-ऑफ 92 अंक रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 18 अंक अधिक है। विषयवार कट-ऑफ 8 अंक निर्धारित की गई। लगभग 31.65 प्रतिशत परीक्षार्थी सफल घोषित किए गए हैं, जो पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन माना जा रहा है।

जोन के आधार पर भी कई विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। आईआईटी दिल्ली जोन से शुभम कुमार ने पहला स्थान प्राप्त किया। आईआईटी मद्रास जोन से मोहित शेखर शुक्ला चौथे स्थान पर रहे। आईआईटी मुंबई जोन के बी. जयकृष्ण श्रीनिवास ने छठा स्थान हासिल किया। आईआईटी रुड़की जोन के निकुंज अग्रवाल 11वें, आईआईटी कानपुर जोन के रिद्धेश अनंत बेंडाले 18वें तथा आईआईटी भुवनेश्वर जोन के भावेश पात्र 29वें स्थान पर रहे। आईआईटी गुवाहाटी जोन के यशराज सिंह ने 122वीं रैंक हासिल की।

महिला अभ्यर्थियों में आईआईटी दिल्ली जोन की आरोही देशपांडे सर्वश्रेष्ठ रहीं। उन्होंने 360 में से 280 अंक प्राप्त कर अखिल भारतीय रैंक सूची में 77वां स्थान हासिल किया। उल्लेखनीय है कि जेईई एडवांस्ड देश के 23 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश का आधार है। परिणाम घोषित होने के साथ ही अब सफल अभ्यर्थियों के लिए सीट आवंटन और प्रवेश प्रक्रिया का मार्ग प्रशस्त हो गया है।