फर्रुखाबाद, 04 मई । उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में ‘फार्मर रजिस्ट्री आईडी’ बनाने के अभियान में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) विनाेद कुमार गाैड़ ने कार्य में रुचि न लेने वाले 60 पंचायत सहायकों को तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त करने के निर्देश जारी किए हैं। इसके अलावा राजस्व, कृषि और विकास विभाग के कई अन्य कर्मचारियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, प्रशासन की ओर से जिले में फार्मर रजिस्ट्री आईडी बनाने का काम जोरों पर चलाया जा रहा है। इस कार्य में पंचायत सहायकों के अलावा लेखपालों और अन्य कर्मचारियों की भी ड्यूटी लगाई गई थी। हाल ही में सीडीओ की समीक्षा में सामने आया कि 60 पंचायत सहायकों ने पिछले एक सप्ताह में एक भी फार्मर रजिस्ट्री आईडी नहीं बनाई और उनकी प्रगति शून्य रही। इस घोर लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए सीडीओ ने जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) को इन सभी सहायकों की सेवाएं तत्काल समाप्त करने के निर्देश दिए हैं।
अन्य विभागों के इन कर्मचारियों पर भी गिरी गाज
शून्य और संतोषजनक प्रगति न होने पर केवल पंचायत सहायक ही नहीं, बल्कि विभिन्न विभागों के अन्य अधिकारी व कर्मचारी भी कार्यवाही के घेरे में आए हैं। जिन कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। जिन पर कार्यवाही की गई है उनमें विकास व पंचायत राज विभाग के शून्य प्रगति वाले कर्मचारियों में ग्राम विकास अधिकारी अतुल अग्निहोत्री और मोहित यादव के साथ-साथ पंचायत राज विभाग के पंचायत सचिव विवेक कुमार, मनीष साहू और नौशाद अहमद शामिल हैं। इसी तरह राजस्व विभाग के लेखपाल अजीत द्विवेदी, अजय कुमार, सुबोध गुप्ता और अनुराधा यादव के खिलाफ भी सख्त कार्यवाही के निर्देश हैं। वहीं मनरेगा के ग्राम रोजगार सेवक रेणुका, अर्जुन सिंह, सुरजन सिंह, विनोद कुमार, उमेश चंद्र और संजय कुमार पर भी गाज गिरी है। इसी तरह कम प्रगति होने पर कृषि विभाग के तीन कर्मी संदेश कुमार, संजीव कुमार (प्राविधिक सहायक) और विवेक कुमार के खिलाफ भी कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।
नोडल अधिकारियों से भी मांगा गया स्पष्टीकरण
कर्मचारियों पर सीधे एक्शन लेने के साथ-साथ प्रशासन ने उच्च स्तर पर भी जवाबदेही तय की है। विकास खंड स्तर पर फार्मर रजिस्ट्री अभियान की समीक्षा के लिए नामित किए गए नोडल अधिकारियों से भी काम की धीमी प्रगति को लेकर स्पष्टीकरण तलब किया गया है। प्रशासन की इस बड़ी कार्यवाही से जिले के सभी संबंधित विभागों में हड़कंप मच गया है। मामले में जिलाधिकारी अंकुर ठाकर ने साेमवार काे बताया कि लापरवाह कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा।