नई दिल्ली, 09 मई । पराक्रम और स्वाभिमान के अमर प्रतीक महाराणा प्रताप की जयंती पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, गृह मंत्री अमित शाह और अन्य केंद्रीय मंत्रियों ने उन्हें श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि दी।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने महाराणा प्रताप की जयंती पर नमन करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप स्वतंत्रता, आत्मसम्मान और राष्ट्रधर्म के जीवंत प्रतीक थे, जिन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण मातृभूमि की रक्षा एवं स्वाभिमान की प्रतिष्ठा के लिए समर्पित किया। उन्होंने कहा कि कठिन संघर्ष, अभाव और विपरीत परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने कभी भी अधीनता स्वीकार नहीं की और अपने सिद्धांतों पर अडिग रहे। हल्दीघाटी से लेकर दिवेर उनके संघर्ष एवं मातृभूमि के प्रति अथाह समर्पण की मिसाल है। महाराणा प्रताप का त्याग, शौर्य और राष्ट्रप्रेम आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।
केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने महाराणा प्रताप की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि भारतीय इतिहास में स्वतंत्रता, आत्मसम्मान और त्याग के सर्वोच्च प्रेरणास्रोत महाराणा प्रताप ने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण मातृभूमि, धर्म और संस्कृति की रक्षा तथा इनके स्वाभिमान की प्रतिष्ठा के लिए समर्पित कर दिया। विपरीत परिस्थितियों, अभावों और संघर्षों के बावजूद उन्होंने कभी भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उनका अद्वितीय शौर्य और मातृभूमि के प्रति उनका समर्पण आज भी प्रत्येक भारतीय के हृदय में राष्ट्रप्रेम की भावना को प्रज्ज्वलित करता है।
केंद्रीय सड़क औऱ परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने नमन करते हुए कहा कि महाराणा प्रताप अदम्य साहस, अद्भुत शौर्य और दृढ संकल्प के प्रतीक थे।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित करने वाले, अदम्य शौर्य और अटूट स्वाभिमान के प्रतीक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप को उनकी जयंती पर नमन। उनका अप्रतिम साहस, पराक्रम और बलिदान भारतीय इतिहास में सदैव स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा। मातृभूमि के सम्मान और स्वतंत्रता के लिए उनका संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वह अजर अमरता का गौरव, वह मानवता का विजय तूर्य। आदर्शों के दुर्गम पथ को, आलोकित करता हुआ सूर्य। वीरता और पराक्रम की गौरव गाथा युगों-युगों तक मातृभूमि के कण-कण को गौरवान्वित करती रहेंगी।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि महाराणा प्रताप हमारी वीरों की जन्मदात्री भूमि के वो महावीर सपूत हुए, इतिहास जिन्हें पाकर गर्वित हुआ, वर्तमान जिनकी गाथा गाता है और भविष्य जिनसे प्रेरणा पाएगा।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने महाराणा प्रताप की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि उनका अदम्य साहस और मातृभूमि की रक्षा हेतु किया गया त्याग भारतीय इतिहास में अद्वितीय है। हल्दीघाटी के रण में उनका शौर्य और राष्ट्रनिष्ठा हमें यह संदेश देती है कि स्वतंत्रता व स्वाभिमान के लिए संघर्ष ही सच्चा धर्म है। उनका जीवन हम सभी को राष्ट्र के प्रति समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर अग्रसर होने की प्रेरणा देता है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि अदम्य साहस, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण के प्रतीक, वीरता एवं त्याग की अमर गाथा लिखने वाले महान योद्धा वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती पर उन्हें नमन।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए उनका त्याग और संघर्ष प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणा का पुंज है। राष्ट्र के प्रति उनका निस्वार्थ समर्पण हमें नैतिक मूल्यों और सिद्धांतों पर अडिग रहने की शक्ति प्रदान करता रहेगा।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि हल्दी घाटी की पावन धरा आज भी उनके पराक्रम, शौर्य और राष्ट्रभक्ति की अमर गाथा सुनाती है। महाराणा प्रताप का जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि राष्ट्र के गौरव के लिए दृढ़ संकल्प और कर्तव्यनिष्ठा के साथ हर परिस्थिति में अडिग रहना चाहिए।
महाराणा प्रताप (1540–1597) मेवाड़ के सिसोदिया राजवंश के 13वें शासक, महान योद्धा और स्वतंत्रता के प्रतीक थे, जिन्होंने अकबर के मुगल साम्राज्य के सामने झुकने से इनकार कर दिया था। 1576 के हल्दीघाटी के प्रसिद्ध युद्ध और अपने वफादार घोड़े चेतक के साथ अरावली के जंगलों में संघर्ष कर उन्होंने सर्वोच्च त्याग, वीरता और देशभक्ति की मिसाल कायम की।