रांची, 21 मई । ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन(आजसू) पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो ने गुरुवार को हेमंत सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि झारखंड में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। राज्य सरकार महिलाओं के प्रति सजग नहीं है। झारखंड में महिलाओं और बालिकाओं के विरुद्ध यौन अपराधों की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। झारखंड आंदोलन में भी महिलाओं ने अहम भूमिका निभाई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण देकर ऐतिहासिक पहल की है।
यह बातें सुदेश ने आजसू पार्टी के सहयोगी संगठन अखिल झारखंड महिला संघ के राज्य स्तरीय एक दिवसीय प्रतिनिधि सम्मेलन को बतौर मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए कही। यह कार्यक्रम रांची के रिंग रोड के तुरूप स्थित ट्रेडिशन बैंक्वेट हॉल में सम्पन्न हुआ।
सम्मेलन में विशिष्ट अतिथि के रूप में मांडू विधायक निर्मल महतो, गोमिया के पूर्व विधायक डॉ लंबोदर महतो, मुख्य प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत, केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर और केंद्रीय महासचिव संजय मेहता उपस्थित थे।
सुदेश ने कहा कि आजसू पार्टी ने महिला सशक्तिकरण के लिए संघर्ष किया है। आजसू वह राजनीतिक शक्ति है जिसने महिलाओं को केवल चौखट और घूंघट तक सीमित नहीं रहने दिया,बल्कि उन्हें सामाजिक,राजनीतिक और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया।
राज्य में हर महीने लगभग 145 दुष्कर्म
उन्होंने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिलाकर उन्हें पुरुषों के समान नेतृत्व की मुख्यधारा में लाने में आजसू पार्टी की ऐतिहासिक भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में पूरे राज्य में कुल 1735 दुष्कर्म के मामले दर्ज किए गए, जो औसतन हर महीने लगभग 145 मामलों के बराबर है। सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि वर्ष 2026 के शुरुआती तीन महीनों (जनवरी, फरवरी और मार्च) में ही 410 दुष्कर्म के मामले दर्ज हो चुके हैं। यदि यही रफ्तार जारी रही तो वर्ष 2026 में पिछले साल से भी ज्यादा मामले दर्ज होने की आशंका है।