रांची, 07 मई । श्री शिवाला सेवा समिति के तत्वावधान में रांची के सुकुरहुट्टू स्थित फुटबॉल मैदान में आयोजित भव्य शिवमहापुराण कथा के तीसरे दिन गुरुवार को श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के श्रीमुख से प्रवाहित शिवमहापुराण कथा को सुनने के लिए रांची सहित आसपास के जिलों एवं विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु कथा स्थल पहुंचे। पूरा कथा परिसर “हर हर महादेव”, “बोल बम” तथा “श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” के जयघोष से लगातार गूंजता रहा।
अपने ओजस्वी और सहज शैली में कथा वाचन करते हुए पंडित प्रदीप मिश्रा ने भगवान शिव की महिमा का वर्णन किया तथा कहा कि शिव ही सृष्टि के आधार हैं।
उन्होंने श्रद्धालुओं को सत्य बोलने, माता-पिता एवं गुरुजनों का सम्मान करने, सनातन संस्कारों को जीवन में अपनाने तथा शिवभक्ति के माध्यम से जीवन को सकारात्मक दिशा देने का संदेश दिया। कथा के दौरान उन्होंने भभूत, बेलपत्र, शिवलिंग पूजन और सच्चे मन से की गई आराधना के महत्व को भी विस्तारपूर्वक बताया।
कथा के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा का मूल संदेश “एक लोटा जल, सब समस्याओं का हल” श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति अपने घर से भगवान शिव के लिए एक लोटा जल लेकर निकलता है, तो उसके तीन दोष स्वतः समाप्त हो जाते हैं।
इस संदेश को सुनते ही पूरा पंडाल “हर हर महादेव” और “श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” के उद्घोष से गूंज उठा। श्रद्धालु पूरे समय मंत्रमुग्ध होकर कथा का श्रवण करते रहे।
कथा स्थल पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। लगभग तीन लाख श्रद्धालु कथा में शामिल हुए। महिलाओं, युवाओं एवं बुजुर्गों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कथा प्रारंभ होने से पूर्व ही पूरा पंडाल एवं आसपास का क्षेत्र श्रद्धालुओं से भर गया था। आयोजन स्थल को आकर्षक धार्मिक सजावट, भव्य मंच एवं सुव्यवस्थित व्यवस्था के माध्यम से पूरी तरह शिवमय वातावरण में परिवर्तित कर दिया गया है।
कथा में भारतीय जनता पार्टी के झारखंड विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, भाजपा नेता रमेश सिंह तथा रांची के डिप्टी मेयर नीरज कुमार विशेष रूप से उपस्थित हुए। सभी अतिथियों ने कथा का श्रवण किया तथा आयोजन समिति की ओर से की गई व्यवस्थाओं की सराहना की।
उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक एवं आध्यात्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा, संस्कार और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का कार्य करते हैं।
कथा के मुख्य यजमान विवेक कुमार एवं उनकी पत्नी विनिता कुमारी ने पूरे विधि-विधान एवं श्रद्धा भाव के साथ पूजा-अर्चना में भाग लिया। वहीं श्री शिवाला सेवा समिति के अध्यक्ष शितेश कुमार लगातार आयोजन की व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग करते नजर आए। समिति के सदस्यों एवं स्वयंसेवकों की सक्रियता के कारण कथा स्थल पर श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।
श्री शिवाला सेवा समिति की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। कथा स्थल पर सुरक्षा, चिकित्सा, पेयजल, पार्किंग एवं यातायात व्यवस्था को लेकर समिति के सदस्य एवं जिला प्रशासन लगातार सक्रिय नजर आए। कथा स्थल पर स्वयंसेवकों की टीम श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन एवं सहयोग में जुटी रही, जिससे पूरे आयोजन में अनुशासन एवं व्यवस्था बनी रही।
कथा के बाद आयोजित भंडारा में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। देर शाम तक श्रद्धालुओं की लंबी कतारें प्रसाद वितरण स्थल पर देखी गईं। पूरे आयोजन के दौरान सेवा भाव एवं धार्मिक उत्साह का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।
समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि शिवमहापुराण कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि समाज में आध्यात्मिक चेतना, संस्कार और एकता का संदेश देने का माध्यम है। कथा के आगामी दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और अधिक बढ़ने की संभावना को देखते हुए तैयारियों को और सुदृढ़ किया जा रहा है।
कथा के समापन के पश्चात श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की आरती में भाग लिया तथा पूरे वातावरण में भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत दृश्य देखने को मिला।