नई दिल्ली, 27 मई । पंजाबी अंगीठी के नाम से देश के कई हिस्सों में रेस्टोरेंट चेन चलाने वाली कंपनी वेगोरामा पंजाबी अंगीठी के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में जोरदार एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 77 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 53.38 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 118.10 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद लिवाली का जोर बन जाने के कारण ये शेयर कुछ ही देर में उछल कर 124 रुपये के अपर सर्किट लेवल पर पहुंच गया। इस तरह पहले दिन के कारोबार में ही कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 47 रुपये यानी 61.04 प्रतिशत का मुनाफा हो गया।
वेगोरामा पंजाबी अंगीठी का 38.38 करोड़ रुपये का आईपीओ 20 से 22 मई के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 35.15 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 26.46 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 63.93 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 27.79 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 49.84 लाख शेयर जारी किए गए हैं। इनमें लगभग 29 करोड़ रुपये के 37.36 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं, जबकि लगभग आठ करोड़ रुपये के 9.968 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। इसके अलावा मार्केट मेकर पेस स्टॉक ब्रोकिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को लगभग दो करोड़ रुपये के 2.512 लाख शेयर दिए गए हैं। आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी नए फाइन डाइन रेस्टोरेंट और सेंट्रलाइज्ड किचन का निर्माण करने, मौजूदा क्लाउड किचन को अपग्रेड करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 84 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 4.64 करोड़ रुपये हो गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 8.22 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 9.04 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 16.91 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 66.37 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 102.06 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 105.35 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी के कर्ज में लगातार बढ़ोतरी होती रही। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 23 लाख रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर चार करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 5.05 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 3.62 करोड़ रुपये के स्तर पर था।
इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 1.42 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 6.07 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 14.29 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 10.75 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 1.16 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 6.04 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 10.86 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 12.40 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा।