हिमाचल पंचायत चुनाव : गांव की सरकार चुनने में महिलाओं ने दिखाई ज्यादा दिलचस्पी, नौ जिलों में पुरुषों को छोड़ा पीछे

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शिमला, 29 मई । हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में महिलाओं ने वोटिंग में बाजी मारते हुए लोकतंत्र की नई तस्वीर पेश की। राज्य की 1276 पंचायतों में हुए चुनाव में कुल 79.86 फीसदी मतदान दर्ज किया गया, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा महिलाओं की भागीदारी की रही। महिला मतदान 83.04 फीसदी रहा, जबकि पुरुषों का मतदान 76.76 फीसदी दर्ज हुआ। यानी महिलाओं ने पुरुषों से 6.28 फीसदी ज्यादा वोट डाले।

गांव की सरकार चुनने के लिए सुबह से ही महिलाएं घरों से निकलकर मतदान केंद्रों तक पहुंचती रहीं और भीषण गर्मी के बीच कई जगह लंबी कतारों में नजर आईं। बीती देर रात 1276 पंचायतों में प्रतिनिधियों की तस्वीर भी साफ हो गई। अब तीसरे और अंतिम चरण के चुनाव 30 मई को होंगे।

12 में से 9 जिलों में महिलाओं का दबदबा

राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक राज्य के 12 में से 9 जिलों में महिलाओं ने पुरुषों से ज्यादा मतदान कर कमाल किया। कांगड़ा सबसे दिलचस्प जिला रहा, जहां महिलाओं का मतदान 81.72 फीसदी और पुरुषों का 71.19 फीसदी रहा। यानी यहां महिलाओं ने करीब 10.53 फीसदी ज्यादा वोट डाले। ऊना में भी महिलाओं ने पुरुषों से 8.66 फीसदी अधिक मतदान किया। कुल्लू में महिलाओं का मतदान 86.29 फीसदी रहा, जो राज्य में सबसे ज्यादा रहा। मंडी में महिलाएं 84.76 फीसदी, चंबा में 84.07, सोलन में 84.56 और बिलासपुर में 82.59 फीसदी मतदान के साथ आगे रहीं। सिरमौर में महिला और पुरुष मतदान लगभग बराबरी पर रहा, लेकिन यहां भी महिलाएं मामूली बढ़त में रहीं।

जनजातीय इलाकों में पुरुष आगे, लेकिन मुकाबला कांटे का

लाहौल-स्पीति और किन्नौर जैसे जनजातीय जिलों में पुरुष मतदाता महिलाओं से आगे रहे, लेकिन अंतर ज्यादा नहीं रहा। लाहौल-स्पीति में पुरुष मतदान 70.88 और महिलाओं का 67.88 फीसदी दर्ज हुआ। किन्नौर में पुरुष 76.78 और महिलाएं 75.81 फीसदी रहीं। शिमला जिला भी उन चुनिंदा इलाकों में शामिल रहा जहां पुरुष मतदाता मामूली अंतर से आगे निकले। यहां पुरुष मतदान 80.96 फीसदी और महिलाओं का 80.43 फीसदी रहा। यानी अंतर सिर्फ 0.53 फीसदी का रहा।

हमीरपुर में पुरुषों और महिलाओं के बीच सबसे बड़ा अंतर

हमीरपुर जिला भी महिला मतदान के मामले में चर्चा में रहा। यहां महिलाओं का मतदान 80.95 फीसदी दर्ज हुआ, जबकि पुरुषों का आंकड़ा 68.80 फीसदी रहा। यानी करीब 12.15 फीसदी का बड़ा अंतर देखने को मिला।