बलरामपुर, 23 मई । बलरामपुर जिले के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में जनजातीय गरिमा उत्सव एवं जनभागीदारी अभियान के तहत लगातार शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की योजनाओं और सेवाओं का लाभ दिया जा रहा है। इसी क्रम में कुसमी विकासखंड के क्लस्टर केंद्र नीलकंठपुर, रामचंद्रपुर के त्रिशुली और राजपुर जनपद पंचायत के लाऊ में शनिवार काे शिविर आयोजित किए गए, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
कुसमी विकासखंड के नीलकंठपुर शिविर में 400 से अधिक ग्रामीण पहुंचे। शिविर में जनसुनवाई कर कई समस्याओं का मौके पर निराकरण किया गया। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 68 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। 23 हितग्राहियों को राशन कार्ड और 20 श्रमिकों को श्रम कार्ड वितरित किए गए। इसके अलावा 8 बच्चों का अन्नप्राशन और 12 महिलाओं की गोद भराई कराई गई। 8 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, 4 जन्म प्रमाण पत्र और 2 मृत्यु प्रमाण पत्र भी दिए गए। जनसुनवाई में कुल 27 आवेदन प्राप्त हुए। राजस्व विभाग ने नामांतरण, सीमांकन और फौती संबंधी मामलों की सुनवाई की। वहीं स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत श्रमदान कर स्वच्छता का संदेश दिया गया।
रामचंद्रपुर के त्रिशुली शिविर में भी ग्रामीणों को विभिन्न विभागीय योजनाओं का लाभ दिया गया। स्वास्थ्य जांच और आयुष्मान कार्ड वितरण के साथ पंचायत विभाग द्वारा राशन कार्ड, पेंशन, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। सीएससी के माध्यम से आधार कार्ड बनाए गए। राजस्व विभाग ने जाति और निवास प्रमाण पत्र से जुड़े कार्य किए। श्रम विभाग ने श्रम कार्ड वितरित किए, जबकि पशुधन विकास विभाग ने पशुओं के लिए दवाइयों का वितरण किया।
इसी तरह राजपुर जनपद पंचायत के ग्राम लाऊ में आयोजित शिविर में लाऊ, सेवारी, भदार और बेधी के विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया गया। शिविर में जनसुनवाई कर समस्याओं का निराकरण किया गया। 6 हितग्राहियों को राशन कार्ड और 3 लोगों को श्रम कार्ड वितरित किए गए। 50 आयुष्मान कार्ड बनाए गए। राजस्व विभाग ने 4 नामांतरण, 5 डिजिटल किसान किताब, 3 जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और 4 आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र वितरित किए। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 40 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया।
जिले में चल रहा जनजातीय गरिमा उत्सव एवं जनभागीदारी अभियान दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय परिवारों तक शासन की योजनाएं पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रहा है।