बिहार में पुलों की सुरक्षा पर सरकार सख्त, 72 घंटे में सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट अपलोड करने के निर्देश

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पटना, 09 मई । बिहार सरकार ने राज्य में पुलों की सुरक्षा और गुणवत्ता को लेकर सख्त रुख अपनाया है। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में शनिवार को राज्य के पुलों की स्थिति, सुरक्षा और सेफ्टी ऑडिट को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि पुलों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

सचिव पंकज कुमार पाल ने क्षेत्रीय पदाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि राज्य के पुलों का सघन सेफ्टी ऑडिट कराया जाए और 72 घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट पीएमआईएस पोर्टल पर अपलोड की जाए। उन्होंने कहा कि 60 मीटर से 250 मीटर तक तथा 250 मीटर से अधिक लंबाई वाले सभी पुलों का विशेष रूप से सुरक्षा ऑडिट किया जाएगा और इसकी निगरानी मुख्यालय स्तर से लगातार की जाएगी।

बैठक में पुलों की तकनीकी स्थिति की बारीकी से जांच करने पर भी जोर दिया गया। सचिव ने कहा कि ऑडिट के दौरान पुलों के बेयरिंग, गडर, स्पैन स्लैब, पाइल, ज्वाइंट, अप्रोच रोड की स्थिति और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई समेत सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की गंभीरता से जांच की जाए।

आगामी मानसून को देखते हुए सभी कार्यपालक अभियंताओं को सतर्क रहने और पुलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित पुलों के सेफ्टी ऑडिट के लिए एनएच विंग को भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

सचिव ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी पुल में लापरवाही के कारण कोई क्षति होती है, तो संबंधित क्षेत्र के कार्यपालक अभियंता के साथ-साथ मुख्यालय स्तर के अधिकारी भी समान रूप से जिम्मेदार माने जाएंगे। ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य बिहार के सभी हिस्सों में सुरक्षित और सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना है। विभाग पुलों की गुणवत्ता और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार निगरानी और सुधारात्मक कदम उठा रहा है।

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