फ्यूचर यूनिवर्सिटी में हैकाथॉन का भव्य आयोजन, 65 टीमों ने दिखाया तकनीकी हुनर

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बरेली, 30 अप्रैल । फ्यूचर यूनिवर्सिटी में राष्ट्रीय स्तर के हैकाथॉन का भव्य आयोजन किया गया। इस आयोजन ने तकनीकी नवाचार, रचनात्मकता और प्रतिस्पर्धा की एक मजबूत मिसाल पेश की। प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश, झारखंड और राजस्थान समेत विभिन्न राज्यों से कुल 65 टीमों ने पंजीकरण कराया। इनमें इलाहाबाद विश्वविद्यालय, एमजेपी रोहिलखंड विश्वविद्यालय, इन्वर्टिस यूनिवर्सिटी, इंटेग्रल यूनिवर्सिटी और फ्यूचर यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी की।

हैकाथॉन के दौरान प्रतिभागियों में उत्साह और कुछ नया करने की ललक साफ दिखाई दी। पूरे कार्यक्रम में तकनीकी कौशल के साथ-साथ सामाजिक समस्याओं के समाधान की दिशा में सोचने की झलक भी देखने को मिली। प्रतिभागियों को तीन प्रमुख विषय दिए गए थे, जिनमें एआई आधारित कैंपस सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन प्रणाली, ग्रामीण किसानों के लिए डिजिटल मार्केटप्लेस व सलाहकार प्लेटफॉर्म, तथा प्रथम पीढ़ी के कॉलेज छात्रों के लिए व्यक्तिगत एआई ट्यूटर शामिल थे।

इन विषयों पर टीमों ने सीमित समय में अभिनव और व्यावहारिक समाधान तैयार किए। प्रोजेक्ट्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, वेब और ऐप डेवलपमेंट जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रभावी उपयोग किया गया। सभी प्रस्तुतियों का मूल्यांकन विशेषज्ञ जूरी ने तकनीकी गुणवत्ता, नवाचार, उपयोगिता और प्रस्तुति के आधार पर किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कुलपति प्रो. राजेंद्र सिन्हा मौजूद रहे। उनके साथ प्रो वाइस चांसलर प्रो. अनुभव सिंह, डॉ. हेमंत यादव, डॉ. एम.के. सिंह, हिमेंद्र गौतम, अभिषेक और सौरभ भी उपस्थित रहे। अतिथियों ने प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन छात्रों के समग्र विकास, नवाचार क्षमता और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाते हैं।

समापन अवसर पर चांसलर मुकेश कुमार गुप्ता ने विजेता टीमों को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय छात्रों को ऐसा मंच प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, जहां उनके विचारों को पहचान और सही दिशा मिल सके। प्रतियोगिता में विजेता टीमों को कुल 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि, पदक और ट्रॉफी प्रदान की गई।

कार्यक्रम का संचालन प्रो. आदित्य मिश्रा, सिद्धार्थ और इंजीनियर अभिषेक ने किया। आयोजन को सफल बनाने में विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, तकनीकी टीम, छात्र स्वयंसेवकों और आयोजन समिति की अहम भूमिका रही।

यह हैकाथॉन केवल एक प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि छात्रों के लिए एक ऐसा मंच बना, जहां उन्होंने अपने विचारों को साकार किया और नवाचार की दिशा में ठोस कदम बढ़ाए। कार्यक्रम ने यह भी साबित किया कि तकनीक और शिक्षा के समन्वय से भविष्य की चुनौतियों का समाधान संभव है।