अयोध्या, 30 अप्रैल । उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले में गुरुवार को महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि आगामी 31 मई तक नालों की सफाई व्यवस्था हर हाल में सुनिश्चित कर ली जाए, ताकि बरसात के दौरान जल भराव की समस्या पर काबू पाया जा सके। महापौर नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार के साथ नगर निगम के स्वास्थ्य एवं निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि पार्षदों से संपर्क कर एवं स्थानीय नागरिकों से फीडबैक लेकर बरसात के दौरान रास्तों पर जल भराव के संभावित स्थलों को चिन्हित कर लें, जहां आवश्यकता हो, वहां राबिस भर दें ताकि जल भराव के दौरान लोगों को आवागमन में दिक्कत ना हो। उन्होंने जल निकासी के लिए आवश्यकता अनुसार छोटी ड्रेनेज का निर्माण कराने एवं पंप लगाने के लिए स्थलों को चिह्नित कर समय से प्रक्रिया पूरी कर लेने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मियों का बीट निर्धारित कर रोस्टर जारी कर दिया जाए और इसकी नियमित समीक्षा की जाए।
नगर आयुक्त ने नाला सफाई कार्य में लगे कर्मचारियों को 24 घंटे के बाद सिल्ट हटाने का निर्देश दिया। नगर क्षेत्र में 154 बड़े एवं 245 छोटे नालों की सफाई की जानी है। समीक्षा बैठक में महापौर ने स्वच्छता सर्वेक्षण को गंभीरता से लेने और आम नागरिकों से फीडबैक लेकर खामियों को दूर करने का निर्देश दिया। बैठक में अपर नगर आयुक्त डॉ. नागेंद्र नाथ, भारत भार्गव, महाप्रबंधक जलकल सौरभ श्रीवास्तव, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरएम शुक्ल, सहायक नगर आयुक्त गुरुप्रसाद पांडेय आदि मौजूद थे।
सेफ्टी टैंक की सफाई करने वाली संस्था के पंजीकरण न कराने पर होगी कार्रवाई
नगर निगम ने समीक्षा बैठक में सेफ्टी टैंक की सफाई करने वाली निजी संस्थाओं को पंजीकरण कराने के लिए एक सप्ताह की मोहलत दी है। कहा है कि ऐसा न करने पर जांच कराकर अवैध रूप से संचालित संस्थाओं पर कार्रवाई की जाएगी। हैदरगंज सेफ्टी टैंक दुर्घटना को देखते हुए नगर निगम का यह कदम आवश्यक माना जा रहा था।
हर वार्ड में पांच चरही की होगी स्थापना
पशु पक्षियों को पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नगर निगम ने ठोस पहल की है। उसने प्रत्येक वार्ड में पांच-पांच चरही स्थापित करने की योजना बनाई है। नगर आयुक्त ने समीक्षा बैठक के दौरान चरही स्थापित किए जाने वाले स्थान पर पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश जलकल विभाग को दिए हैं।
बिना ट्रीटमेंट के नदी-नालों में गंदा पानी डालने पर नगर निगम सख्त
नगर आयुक्त ने यश पेपर मिल को चेतावनी जारी करने का निर्देश दिया है। बैठक में बताया गया कि मिल से निकलने वाला गंदा पानी बिना ट्रीटमेंट के नालों के माध्यम से सरयू नदी में डाला जा रहा है। जनशिकायत को देखते हुए नगर आयुक्त ने अधिकारियों को इसकी जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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