संरक्षण इकाई, हर्बल प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन इकाइयों के क्षेत्र से भी अवगत कराया गया।
कॉलेज के वैज्ञानिक डॉ. सुनील मारपा और सहायक प्रोफेसर डॉ. बंदना धीमान भी इन छात्रों के साथ थे। उन्होंने बताया कि इस दौरे के दौरान छात्रों ने विशेषज्ञों से बातचीत की। इस अनुभवात्मक दौरे से छात्रों की वन उत्पादों और उनके उपयोग के क्षेत्र में विषयक समझ और व्यावहारिक ज्ञान में वृद्धि हुई है।