भोपाल, 24 अप्रैल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक निजी फैक्ट्री के ड्रेस कोड को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। एमपी नगर स्थित कंपनी द्वारा कर्मचारियों को तिलक, बिंदी समेत अन्य धार्मिक प्रतीक पहनकर आने पर रोक लगाने के कथित नोटिस के बाद मामला तूल पकड़ गया है। शुक्रवार काे विरोध में हिंदू उत्सव समिति के कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और फैक्ट्री के बाहर प्रदर्शन किया।
समिति के अध्यक्ष चन्द्रशेखर तिवारी ने आरोप लगाया कि कंपनी ने कर्मचारियों को तिलक, बिंदी, कड़ा, अंगूठी, बाली और मंगलसूत्र पहनने से मना किया है। उन्होंने इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार बताते हुए आदेश तुरंत वापस लेने की मांग की। फैक्ट्री के एक कर्मचारी के मुताबिक, तिलक और कलावा पहनकर पहुंचने पर उसे अंदर जाने से रोक दिया गया। इस घटना के बाद कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई है और कई लोग इसे निजी आस्था में दखल बता रहे हैं। जिसके बाद शुक्रवार को हिंदू उत्सव समिति के कार्यकर्ता पहले बीडीए कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने ज्ञापन सौंपा। इसके बाद फैक्ट्री के बाहर प्रदर्शन किया और कर्मचारियों के समर्थन में उन्हें तिलक लगाया व कलावा बांधा। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि आदेश वापस नहीं लिया गया तो कंपनी के उत्पादों के बहिष्कार का अभियान चलाया जाएगा और एफआईआर दर्ज कराने की मांग भी की जाएगी।
कंपनी का पक्ष-‘क्वालिटी और सुरक्षा’ कारण
फैक्ट्री प्रबंधन ने इन आरोपों को तकनीकी पहलुओं से जोड़ते हुए सफाई दी है। मैनेजर वी.एस. राजपूत के अनुसार, कुछ वस्तुओं के इस्तेमाल से प्रोडक्ट क्वालिटी प्रभावित होने या रिजेक्शन बढ़ने की आशंका रहती है, इसी वजह से यह सर्कुलर जारी किया गया था। हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिए कि कर्मचारियों और संगठन की आपत्तियों को देखते हुए फैसले पर पुनर्विचार किया जा सकता है।
फिलहाल मामला धार्मिक स्वतंत्रता और औद्योगिक नियमों के बीच टकराव का रूप ले चुका है। एक ओर संगठन इसे आस्था का मुद्दा बता रहा है, वहीं कंपनी उत्पादन और सुरक्षा मानकों का हवाला दे रही है।