जल संरक्षण नहीं किया गया तो हो सकता है गंभीर जल संकट: डालसा सचिव
खूंटी, 22 मार्च (हि.स.)। विश्व जल दिवस के अवसर पर झालसा के निर्देश पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा अध्यक्ष रसिकेस कुमार के मार्गदर्शन में मुरहू के कोलोम्दा गांव में शनिवार को विश्व जल दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में डालसा सचिव राजश्री अपर्णा कुजूर, पैनल अधिवक्ता मदन राम गौंझू, सेवा वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष अजय शर्मा, ग्रामप्रधान अर्जुन मुंडा मुख्य रूप से शामिल हुए।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जल संसाधनों के संरक्षण और सतत उपयोग पर जागरूकता बढ़ाना है। संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा 1993 में शुरू किए गए इस विशेष दिन पर डालसा सचिव ने लोगों को जल संकट की गंभीरता को समझाया और इसे बचाने के लिए कदम उठाने के लिए प्रेरित किया। कालोम्दा गांव के जंगलों के बीच से होकर बहने वाली बनई नदी पर विश्व जल दिवस पर सांकेतिक रूप से बोरीबांध निर्माण का निर्माण किया गया। जल्द ही यहां बोरीबांध बनाया जाएगा।
मौके पर डालसा सचिव राजश्री अपर्णा कुजूर ने कहा कि अगर जल संरक्षण नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में कई क्षेत्रों में गंभीर जल संकट हाे सकता है।
उन्होंने कहा कि आज विश्व जल दिवस है, इसलिए एनजीओ सेवा वेलफेयर सोसायटी के साथ डालसा बोरीबांध निर्माण कार्य में पहुंचा है। मौके पर पैनल अधिवक्ता मदन राम गौंझू ने कहा कि विश्व जल दिवस 2025 ग्लेशियर संरक्षण’ थीम पर केंद्रित है, जो दुनियाभर के ग्लेशियरों को बचाने की आवश्यकता पर प्रकाश डालती है क्योंकि ग्लेशियर पृथ्वी के जल चक्र को संतुलित करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि अब भूगर्भीय जल स्तर तेजी से नीचे जा रहा है। इसे लेकर हमें चिंता करना चाहिए। मौके पर पंचायत सचिव महावीर महतो, दुर्गा भेंगरा, देवेंद्र सिंह, जल सहिया सलोमी मुंडू, ग्राम पंचायत सदस्य इंद्रावती देवी, मुनेश्वरी देवी, बसंती देवी, पौलुस बोदरा सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।
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