इंडिगो फ्लाइट में टूटी सीट पर बैठे पंजाब BJP अध्यक्ष, ‘चलता है’ रवैये पर भड़के!

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पंजाब भाजपा के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने इंडिगो एयरलाइंस की सेवाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं। हाल ही में उन्होंने चंडीगढ़ से दिल्ली की उड़ान के दौरान अपनी सीट की स्थिति को लेकर असंतोष व्यक्त किया। जाखड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ऊंचाई वाली सीटों के ढीले कुशन की तस्वीरें साझा कीं और कहा कि जब उन्होंने इसकी शिकायत के लिए क्रू मेंबर्स से संपर्क किया, तो उन्हें सिर्फ कंपनी की वेबसाइट पर जाकर शिकायत करने को कहा गया। उन्होंने इस संदर्भ में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि एक प्रमुख एयरलाइंस का यह ‘चलता है’ वाला रवैया सुरक्षा मानदंडों के लिए खतरा बन सकता है।

जाखड़ की पोस्ट में उन्होंने उल्लेख किया कि यह समस्या केवल एअर इंडिया का मामला नहीं है बल्कि इंडिगो जैसी अन्य एयरलाइंस में भी ठीक इसी तरह की स्थिति देखी जा रही है। उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान चंडीगढ़-दिल्ली फ्लाइट के कुछ दृश्यों को साझा करते हुए कहा कि कई सीटें ढीली हैं और यह सुरक्षा मानकों के अनुकूल नहीं हैं। जाखड़ ने कहा कि जबकि कॅबिन क्रू ने हमेशा की तरह शिष्टता दिखाई, फिर भी वे कुछ नहीं कर सके और केवल वेबसाइट पर शिकायत करने के लिए कहा।

इससे पहले, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी एअर इंडिया की सुविधाओं पर सवाल उठाए थे। शिवराज को अपनी यात्रा के दौरान टूटी सीट पर बैठना पड़ा था। उन्होंने इस घटना को लेकर अपनी निराशा व्यक्त करते हुए लिखा कि जब उन्होंने विमानकर्मियों से नहीं ठीक सीट मिलने के बारे में पूछा, तो उन्हें बताया गया था कि इस संदर्भ में प्रबंधन को पहले ही सूचित किया गया था। शिवराज ने इस व्यवहार को यात्रियों के साथ धोखा करार दिया और कहा कि उन्हें पूर्ण पैसा देने के बावजूद इस प्रकार की सुविधाएं मिलना अनैतिक है।

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने शिवराज की शिकायत के बाद तुरंत डीजीसीए को इस मामले की जांच करने के निर्देश दिए। डीजीसीए ने इस मुद्दे पर एयरलाइंस से रिपोर्ट मांगी, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि क्या एयरलाइंस की सेवाओं में सुधार की आवश्यकता है। इस तरह की घटनाएं यात्रियों को असुविधा में डालती हैं और साथ ही एयरलाइंस पर सवाल उठाती हैं।

यह देखा जा रहा है कि देश की प्रमुख एयरलाइंस में बिना सुधार के विमानन सेवाएं प्रदान की जा रही हैं, जो यात्रियों की सुरक्षा और आराम पर प्रभाव डाल रही हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि एयरलाइंस और नागरिक उड्डयन मंत्रालय इस मुद्दे पर क्या कदम उठाते हैं ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं को रोका जा सके। वहीं एयरलाइंस की सुविधाओं में सुधार के लिए आवश्यक कार्रवाई कितनी शीघ्र की जाती है, यह भी सभी की नजरों में रहेगा।