पंजाब के जालंधर जिले में एक 15 वर्षीय लड़की का शव एक कुएं से बरामद किया गया है, जिसके गले को दबाकर उसकी हत्या की गई थी। इस दिल दहला देने वाले मामले का आरोप उसके मंगेतर पर लगाया गया है। लड़की की करीब डेढ़ महीने पहले सगाई हुई थी, जिसके बाद वह अपने मंगेतर के साथ उसके घर में रह रही थी। लड़की की हत्या के बाद से उसका मंगेतर लापता था, जिसे पुलिस ने बाद में पकड़ लिया। मंगेतर सहित उसका एक दोस्त भी नाबालिग है, जिन्हें लुधियाना के जुवेनाइल सुधार गृह में भेजा गया है। अब पुलिस इस हत्या के पीछे का कारण जानने के लिए गहन जांच कर रही है।
जालंधर के रामा मंडी के ढिलवां क्षेत्र में रहने वाले गुरप्रीत कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि लड़की उनके पड़ोस में रहती थी और उसका परिवार पिछले कई वर्षों से यहीं मजदूरी कर रहा था। मूलतः पश्चिम बंगाल के निवासी इस परिवार ने अपनी बेटी की सगाई उसी राज्य के एक लड़के से की थी। सगाई के बाद लड़की का परिवार बंगाल वापस चला गया, जबकि लड़की अपने मंगेतर के साथ जालंधर में रह रही थी। हाल ही में लड़की तीन दिनों से लापता थी, और जब उसके माता-पिता उसे खोजने आए, तब ही उसकी लाश कुएं में मिल पाई।
गुरप्रीत ने बताया कि शनिवार रात करीब 11 बजे स्थानीय लोगों को कुएं में शव होने की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस को सूचित किया गया, जिसने घटनास्थल पर पहुंचकर शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि लड़की बहुत अच्छी थी और उसकी हत्या उसके मंगेतर ने की है। पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए रामामंडी थाने के SHO परमिंदर सिंह को मौके पर भेजा।
जांच के दौरान, चौकी इंचार्ज नरेंद्र मोहन ने बताया कि यह मामला हत्या का प्रतीत होता है। परिवार ने आरोप लगाया कि लड़की और उसके मंगेतर के बीच करीब तीन दिन पहले झगड़ा हुआ था, जिसके बाद मंगेतर ने उसे गला दबाकर मार डाला। वारदात के बाद उसने शव को एक चटाई में लपेटकर गढ़गज गेट के पास स्थित सूखे कुएं में फेंक दिया। मंगेतर ने इस घटना के बाद भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे और उसके दोस्त को रामामंडी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस का कहना है कि दोनों नाबालिग होने के चलते उन्हें लुधियाना के सुधार गृह में भेज दिया गया है। हत्या की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। इस घटना ने न केवल जालंधर के लोगों को सदमे में डाल दिया है, बल्कि यह पूरे समाज में नाबालिगों के बीच हो रही घटनाओं की गंभीरता को भी उजागर करता है। जिस प्रकार से यह घटना घटित हुई है, वह समाज में सुरक्षा और नाबालिगों के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सवाल उठाती है।