जलालाबाद के पेट्रोल पंप बंद: तीन लूटपाट के आरोपी अब भी फरार!

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जलालाबाद में पेट्रोल पंप मालिकों ने पुलिस की कार्यवाही से असंतोष व्यक्त करते हुए 16 जनवरी को हड़ताल का ऐलान किया है। पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुखप्रीत खुराना के अनुसार, यह प्रतिरोध उस घटना के बाद शुरू हुआ जब 23 दिसंबर की रात को फिरोजपुर-फाजिल्का मार्ग पर तीन पेट्रोल पंपों पर लुटेरों ने धावा बोला। जानकारी के अनुसार, इन लुटेरों ने एक घंटे के भीतर ही वारदात को अंजाम दिया, जिसमें कर्मचारियों से फोन, 42 हजार रुपये की नकदी और पंपों के सीसीटीवी कैमरे व डीवीआर भी चुराए गए।

इस घटना के बाद से एसोसिएशन ने पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज की, लेकिन अब तक 20 दिन बीतने के बाद भी आरोपियों का कोई पता नहीं चला है। इस स्थिति को लेकर एसोसिएशन ने चिंता जताई है और कहा है कि यदि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। उनके हड़ताल के दौरान केवल आपातकालीन सेवाओं जैसे एम्बुलेंस के लिए ही पेट्रोल उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।

जलालाबाद के डीएसपी जतिंदर सिंह गिल ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि आरोपियों की खोज में भेजी गई पुलिस टीम को एक दुर्घटना का सामना करना पड़ा, जिसके कारण कार्रवाई में थोड़ी देरी हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि पुलिस जल्द ही आरोपियों को पकड़ने के लिए सभी संभव प्रयास कर रही है। लेकिन एसोसिएशन को अब तक मिली इस असंतोषजनक स्थिति ने उन्हें हड़ताल के लिए मजबूर कर दिया है, जो स्थानीय जनता के लिए भी परेशानी का कारण बन सकता है।

एसोसिएशन का यह भी कहना है कि सुरक्षा की कमी और लूट की घटनाओं की बढ़ती संख्या ने उन्हें चिंतित कर दिया है। बार-बार हो रही लूटपाट की घटनाओं से न केवल पेट्रोल पंप मालिकों में असुरक्षा की भावना बढ़ी है, बल्कि कर्मचारियों की सुरक्षा भी खतरे में आ गई है। ऐसे में, असोसिएशन द्वारा उठाए गए कदम उनकी सुरक्षा और व्यवसाय को बचाने के लिए महत्वपूर्ण हैं।

इस मामले में स्थानीय प्रशासन को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों और आम जनता को भी बिना किसी कठिनाई का सामना करना पड़े। जलालाबाद के पेट्रोल पंप मालिकों की चिंता को समझते हुए, संबंधित अधिकारियों को समय पर उचित कदम उठाने की आवश्यकता है। अब सभी की निगाहें उन आवश्यक कदमों पर हैं, जो इस मुद्दे को सुलझाने के लिए उठाए जाएंगे।