फाजिल्का के विधायक नरेंद्रपाल सवना ने आज बीडीपीओ कार्यालय में एकाएक दौरा किया। विधायक ने इस दौरान अपने साथ सरपंचों को भी लाया, ताकि वे अधिकारियों के सामने अपनी शिकायतें रख सकें। विधायक ने अधिकारियों से कहा कि क्षेत्र के लोगों के कार्य नहीं हो रहे हैं और कार्यालय में कई अधिकारी अनुपस्थित पाए गए हैं। इस स्थिति के चलते उन्होंने सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। इस दौरान, सरपंचों ने अधिकारियों के साथ बहस की और अपनी समस्याओं को स्पष्ट रूप से रखा।
विधायक नरेंद्रपाल सवना को सरपंचों द्वारा कई बार शिकायतें मिली थीं कि उनके जॉब कार्ड का निर्माण नहीं हो रहा है, और बीडीपीओ कार्यालय में भी कामकाज सही ढंग से नहीं हो रहा। जब विधायक वहां पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि कुछ अधिकारी कार्यालय में उपस्थित नहीं थे, जिससे उनकी स्थिति और बिगड़ गई। इस पर विधायक ने बीडीपीओ को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए कार्य करें और काम की गति को बढ़ाएं।
इसके अलावा, सरपंचों ने कहा कि उन्होंने कई बार कार्यालय का दौरा किया है, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। इस पर विधायक ने सभी अधिकारियों के साथ एक बैठक की। बैठक में उन्हें हिदायत दी गई कि यदि भविष्य में और विरोधाभास सामने आया, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विधायक ने यह भी स्पष्ट किया कि लोगों के कामों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और उन सभी आवश्यकताओं को पूरा करने का प्रयास किया जाना चाहिए।
विधायक ने अपने भाषण में जोर दिया कि अधिकारियों को अपने कार्यों को बेहतर ढंग से करने की आवश्यकता है ताकि लोगों की समस्याओं का समाधान हो सके। जनता की भलाई के लिए उन्हें तत्पर रहना चाहिए और कोई भी शिकायत आना उनके लिए एक गंभीर मुद्दा होना चाहिए। उन्हें बताया गया कि अगर अगली बार कोई शिकायत आती है, तो किसी को नहीं बख्शा जाएगा, और उस पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने साफ कर दिया है कि विधायक नरेंद्रपाल सवना लोगों की समस्याओं को लेकर कितने गंभीर हैं और वे अधिकारियों से किस हद तक अपेक्षाएं रखते हैं। अब देखना यह है कि क्या अधिकारियों में इस चेतावनी का असर पड़ता है और वे अपने दायित्वों का पूरी तरह से पालन करते हैं या नहीं। यह स्थिति न केवल फाजिल्का के लिए, बल्कि सार्वजनिक प्रशासन के लिए एक उदाहरण स्थापित कर सकती है, जहां जनहित प्राथमिकता पर हो।