अमृतसर में ड्रोन से हेरोइन मंगवाने वाली महिला तस्कर गिरफ्तार, पति पहले से जेल में!

Share

अमृतसर में पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया है, जिसने अपने नशा तस्कर पति की जेल जाने के बाद खुद ही नशे के सप्लाई का कारोबार शुरू कर दिया। इस महिला ने न केवल अपनी जिम्मेदारी उठाई, बल्कि अपने भतीजे को भी इसमें शामिल किया। पुलिस ने इस महिला को उसके तीन अन्य साथियों के साथ हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, यह महिला पाकिस्तान के नशा तस्करों से ड्रोन के जरिए हेरोइन मंगवाती थी, जिसे वह राज्य के विभिन्न हिस्सों में वितरित करती थी।

अमृतसर पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पंजाब को नशे से मुक्त बनाने के अभियान के अंतर्गत, कमिश्नरेट पुलिस अमृतसर के सीआईए स्टाफ-1 ने इन आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके पास से 5 किलोग्राम हेरोइन और 2 मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। संबंधित महिला का नाम बलजीत कौर है और वह तरन तारन के मुठियावली गांव की निवासी है। इसके अलावा, उसकी भतीजे का नाम गुरप्रीत सिंह गोपी है। पुलिस के मुताबिक, बलजीत कौर का पति बलबीर सिंह राजस्थान के गंगानगर की जेल में बंद है, जहां उसके खिलाफ भी नशा तस्करी के आरोप हैं।

बलजीत कौर ने अपने पति की गिरफ्तारी के बाद नशे के कारोबार को संभालने का काम शुरू कर दिया। उसने अपने भतीजे गुरप्रीत सिंह को भी इस खेल में शामिल कर लिया। इस महिला की गतिविधियों के बारे में पुलिस ने बताया कि बलजीत कौर ड्रोन के माध्यम से पाकिस्तान से हेरोइन की खेप लाती थी और उसे न केवल तरन तारन और अमृतसर बल्कि पूरे मालवा क्षेत्र के अन्य शहरों और गांवों में सप्लाई करती थी। हेरोइन की खेप लाने-ले जाने में वह हमेशा सक्रिय रहती थी।

प्रशासन ने नशे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की योजना बना रखी है, ताकि पंजाब को नशा मुक्त किया जा सके। पुलिस ने इसे एक गंभीर मुद्दा माना है और इसके लिए प्रभावी कदम उठाना आवश्यक बताया है। बलजीत कौर और उसके साथी नशे के व्यापार के विस्तृत नेटवर्क का हिस्सा थे, जिसे पुलिस ने समय रहते पकड़ लिया। यह गिरफ्तारी न केवल एक महिला की अवैध गतिविधियों का पर्दाफाश करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कैसे नशे का कारोबार परिवार के भीतर भी फैल सकता है।

इस प्रकार की घटनाएं न केवल समाज के लिए खतरा हैं, बल्कि यह युवा पीढ़ी को भी प्रभावित करती हैं। पुलिस तथा प्रशासन इस दिशा में शिक्षा और जागरूकता फैलाने की बात कर रहे हैं, ताकि आम जनता को इस प्रकार के अपराधों की गंभीरता का एहसास हो सके। ऐसे मामलों में निरंतर अनुशासन और सजगता की आवश्यकता है, ताकि पंजाब को नशा मुक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।