खौफनाक! नशे की ओवरडोज से मौत, शव सड़क पर रखकर परिजनों का प्रदर्शन

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पंजाब में मानसा जिले के गांव अकलिया में 26 वर्षीय युवक गुरप्रीत सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, युवक की मौत ओवरडोज़ के कारण हुई है, क्योंकि वह नशे का आदी था। इस घटना के बाद, मृतक के परिजनों और गांव वालों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए पंजाब सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। उनका आरोप है कि गांव में नशे की खुली बिक्री हो रही है, लेकिन पुलिस प्रशासन नशा तस्करों के खिलाफ कोई ठोस कदम उठाने में विफल रहा है।

गुरप्रीत सिंह के परिवार का कहना है कि वह लंबे समय से नशे की लत से जूझ रहा था। बीती रात, वह अपने घर के बाहर बेहोश पाया गया, जहाँ उसके पास एक इंजेक्शन भी मिला। परिवार ने स्पष्ट किया कि इस बात से यह साबित होता है कि उसकी मृत्यु नशे की ओवरडोज़ के कारण हुई है। इस घटना के तुरंत बाद, परिवार और गांव के लोगों ने मिलकर मानसा-बरनाला सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। उनके इस कदम का उद्देश्य नशा व्यापारियों के खिलाफ पुलिस की ओर से कार्रवाई की मांग करना था।

गुरप्रीत के पिता, गुरदास सिंह ने भी सरकार और पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए कहा कि नशे के कारोबार में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। समाजसेवियों परविंदर सिंह और जगसीर सिंह ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि मानसा जिले में नशे की बिक्री में वृद्धि हो रही है, जिससे युवा वर्ग बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आगे कहा कि यदि पुलिस ने जल्दी ही नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, तो वे अपने विरोध को जारी रखेंगे।

इस बीच, थाना इंचार्ज केवल सिंह ने मृतक के परिवार को आश्वस्त किया कि नशा बेचने वाले दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर परिवार को यह भरोसा दिलाया कि वे अपराधियों को जल्दी ही पकड़ने में सफल होंगे। पुलिस प्रशासन की यह आश्वासन इस गंभीर मामले में न्याय की उम्मीद जगाती है, लेकिन स्थानीय लोगों में असंतोष और निराशा का भी माहौल है।

इस घटना ने पंजाब में नशे की समस्या को एक बार फिर से उजागर कर दिया है। युवा वर्ग में नशे के बढ़ते चलन और इसके प्रति सरकार की निष्क्रियता ने समाज को एक कठिन परिस्थिति में डाल दिया है। ग्रामीणों की मांग है कि सरकार को इस समस्या का समाधान तुरंत करना चाहिए ताकि भविष्य में और युवा इसी दिशा में न बढ़ें। इस प्रकार के मामलों में प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है, जिससे समाज में सुरक्षा और न्याय की भावना बनी रहे।