पंजाब के लुधियाना से सांसद और पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने अडानी मामले को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पार्लियामेंट कमेटी का गठन किया जाए। जालंधर स्थित पंजाब प्रेस क्लब में आयोजित एक कार्यक्रम में राजा वड़िंग ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जब दो वर्ष पहले हिंडनबर्ग की एक रिपोर्ट सामने आई थी, तब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संसद में कुछ चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए थे, जिसमें 20 हजार करोड़ रुपये के वित्तीय घोटाले का जिक्र था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह राशि अवैध तरीके से स्थानांतरित की गई और शेयरों के दाम में हेरफेर किया गया।
राजा वड़िंग ने कहा कि हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में दिए गए सभी तथ्यों की पूरी जानकारी थी, जिसके बाद कांग्रेस ने इस मामले को जोर-शोर से उठाया और पार्लियामेंट कमेटी से जांच कराने की मांग की। उन्होंने इस बात पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जब मामला कोर्ट में पहुंचा, तब इसकी जांच जिम्मेदार संस्था सेबी को सौंपी गई, लेकिन इसके परिणाम चौंकाने वाले थे। वड़िंग ने बताया कि सेबी ने अडानी ग्रुप को क्लीन चिट दे दी, और इसकी जांच का नेतृत्व करने वाली माधबी पुरी बुच ने लगभग छह महीने तक इस मामले की जांच की। उन्होंने बुच की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह स्पष्ट है कि अडानी ने सेबी के साथ सांठ-गांठ की थी, इसलिए वह इस जांच से भी बच निकले।
राजा वड़िंग ने अमेरिकी जांच एजेंसियों का भी उल्लेख किया, जो अडानी के खिलाफ छानबीन कर रही थीं। उन्होंने कहा कि अमेरिका में जब जांच शुरू हुई, तब अडानी के वित्तीय घोटालों का पता चला। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में अडानी द्वारा किए गए धोखाधड़ी के मामलों की तुलना करते हुए कहा कि ऐसा अत्याचार मोहम्मद गजनी ने भी नहीं किया था, जितना कि गौतम अडानी ने देश की जनता के साथ किया है। इस मामले को लेकर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर भी आक्षेप लगाया, यह कहते हुए कि ये दोनों ही नेता अडानी को बचाने में जुटे हैं।
राजा वड़िंग ने आगे बताया कि अडानी अमेरिका में एक सोलर एनर्जी प्लांट स्थापित करने की योजना बना रहे थे, जिसमें अमेरिका के निवेशकों ने भारी मात्रा में पैसा लगाया था। उन्होंने कहा कि जब वहां की जांच एजेंसियों ने इस मामले की जांच शुरू की, तो अडानी के वित्तीय धोखाधड़ी के मामले का पता चला। उनके आरोप हैं कि केंद्र की मौजूदा सरकार अडानी जैसे उद्योगपति का बचाव कर रही है, जिससे आम जनता के हितों की अनदेखी हो रही है। राजा वड़िंग ने कहा कि यह न केवल राजनीतिक जिम्मेदारी है, बल्कि देश के नागरिकों के हितों के संरक्षण के लिए भी आवश्यक है कि इस मामले की त्वरित और निष्पक्ष जांच हो।