अबोहर के रेलवे कर्मचारी की बठिंडा में संदिग्ध मौत: दो बच्चों का पिता घायल!

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बठिंडा में एक रेलवे कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसके बाद यह मामला चर्चा में आ गया है। मृतक की पहचान 38 वर्षीय धर्मपाल पुत्र प्यारेलाल के रूप में हुई है। उन्हें अबोहर के रेलवे विभाग में कार्यरत बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, धर्मपाल ने गत दिवस अत्यधिक शराब का सेवन कर लिया, जिसके चलते उनकी तबीयत बिगड़ गई। परिवार के सदस्यों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उसे उच्च चिकित्सा केंद्र में भेजने की आवश्यकता पड़ी।

मृतक के परिजनों का कहना है कि धर्मपाल शराब के प्रति आदी था और उसने दो दिन पहले ही अधिक मात्रा में शराब का सेवन किया था। जब उसकी तबीयत और बिगड़ी तो परिजनों ने निर्णय लिया कि उसे बठिंडा के अस्पताल में ले जाना चाहिए। परिवार उसकी देखभाल के लिए काफी चिंतित था, लेकिन बठिंडा पहुंचने के बाद आज सुबह उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद बठिंडा के चिकित्सकों ने उसकी मौत को संदिग्ध मानते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए अबोहर सिविल अस्पताल भेज दिया है।

जीआरपी पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि धर्मपाल की मौत के वास्तविक कारण क्या थे। यह भी बताया गया है कि मामले की गहराई में जाने के लिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस ने परिजनों से भी बयान लिए हैं ताकि अधिक जानकारी प्राप्त की जा सके।

धर्मपाल के परिवार में उसकी पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं, जिनकी देखभाल अब एक अकेले माता-पिता को करनी होगी। यह घटना न केवल परिवार के लिए अपार दुख लेकर आई है, बल्कि पूरे समुदाय में भी शोक की लहर दौड़ा दी है। बहुत से लोग इस मामले को शराब के सेवन से जुड़ी समस्या के रूप में देख रहे हैं और इसे समाज में शराब के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने का एक मौका मान रहे हैं।

पुलिस और चिकित्सा विभाग इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं ताकि परिस्थितियों का सही आकलन किया जा सके। आगे चलकर यह मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी और दोषियों के खिलाफ जरूरी कदम उठाए जाएंगे। सामाजिक संगठनों और स्थानीय राजनीतिक नेताओं ने भी इस घटनाक्रम पर अपनी चिंता व्यक्त की है और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए समुदाय में संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता है।