मंदसौर, 8 अगस्त (हि.स.)। दो साल बाद निकली शाही सवारी में सवार होकर बाबा पशुपतिनाथ भक्तों का हाल जानने के लिए निकले। गर्मी और उमस पर हजारों शिवभक्तों की आस्था भारी पड़ी। विपरित मौसम में भी लोगों का उत्साह कम न था। शाही सवारी में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान भी शामिल हुए, लेकिन निर्धारित समय से दो घंटे देरी से शिवराज मंदिर पहुंचे। शाही सवारी करीब आधे से पौन घंटा देरी से रवाना हुई। इसके बाद उसकी गति भी शिवराजसिंह के इंतजार में धीमी रही। जिसके कारण शिवभक्त खासे परेशान हुए।
बता दें कि कोरोना के कारण दो साल पशुपतिनाथ की शाही सवारी नहीं निकल पाई। दो साल बाद पशुपतिनाथ ने भक्तों के हाल जानने के लिए नगर भ्रमण किया। शाही सवारी में आस्था का सैलाब उमड़ा। जिले ही नहीं, बल्कि दूर दूर से लोग शाही सवारी में शामिल हुए। महत्वपूर्ण बात यह रही कि इस बार मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान भी शाही सवारी में पहुंचे। यहां उन्होंने सबसे पहले पशुपतिनाथ मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना की। इसके बाद शाही सवारी में बाबा के दर्शन किए और शाही सवारी का हिस्सा बने। हालांकि मुख्यमंत्री के सुबह साढ़े दस बजे सवारी में शामिल होने की थी, लेकिन दौरा कार्यक्रम में परिवर्तन अंतिम समय में हुआ। करीब एक बजे मुख्यमंत्री मंदसौर पहुंचे। उमस और गर्मी के बावजूद भी भक्तों का जोश कम नही हुआ ओर दूगना हो गया। डीजे, ढोल की थाप पर कलाकरों सहित युवाओं ने जमकर नृत्य किया। तेज बारिश में भी भगवान पशुपतिनाथ की एक झलक देखने को भारी जन सैलाब उमड पडा। नगर के ही नही वरन दूर दराज से व आस-पास के अंचलों से भी लोगो ने बाबा के दर्शन का लाभ लिया। सभी धर्मालु हाथो में फूल माला लिए बाबा के स्वागत को आतुर दिखे। फूलो एवं विघुत सज्जा से सुसज्जित रथ को प्रात: कालीन आरती मंडल के 50 से अधिक सदस्य एवं युवा रथ को खिचते चल रहे थे। इस दौरान सांसद सुधीर गुप्ता, मंत्री जगदीश देवड़ा, मंत्री हरदीपसिहं डंग, विधायक यशपालसिंह सिसौदिया सहित कई जनप्रतिनिधि भी शाही सवारी में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री दो घंटा देरी से पहुंचे
शिवराजसिंह चौहान के निर्धारित दौरा र्काक्रम के अनुसार उन्हें ग्यारह बजे मंदसौर पहुंचना था। शाही सवारी के मंदिर परिसर से निकलने का समय साढ़े दस बजे था। मतलब शिवराजसिंह के मंदिर परिसर में ही शाही सवारी में शामिल होने का प्लान था, लेकिन शिवराजसिंह करीब पौने एक बजे मंदसौर पहुंचे। एक बजे वह पशुपतिनाथ मंदिर पहुंचे।