– जुमे की नमाज को लेकर अपर मुख्य सचिव गृह के निर्देश, पुलिस अफसर करें पैदल गश्त
-सभी संवेदनशील स्थलों पर वरिष्ठ अधिकारियों की लगायी गयी ड्यूटी
– संवेदनशील स्थलों पर ड्रोन कैमरे से करें निगरानी
-सुदृढ़ पुलिसिंग के लिए सेक्टर योजना लागू
लखनऊ, 16 जून (हि.स.)। प्रदेश में शुक्रवार को होने वाली जुमे की नमाज और गुरुवार को ‘अग्निपथ’ योजना को लेकर जगह-जगह हुए विरोध प्रदर्शन के हालातों को जानने के लिए देर शाम को अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने वीडियों कांन्फ्रेसिंग की।
यह वीडियो कांन्फ्रेसिंग योजना भवन में सम्पन्न हुई, जिसमें कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक डीएस चौहान और शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं प्रदेश भर के मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, चार जिलों के पुलिस कमिश्नर के अलावा सभी जनपदों के पुलिस कप्तान जिला मुख्यालयों से जुड़े रहे।
वीडियो कांन्फ्रेसिंग में वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से कहा गया कि प्रदेश भर में हर हाल में शांति एवं व्यवस्था बनाये रखने के लिये जिला व पुलिस प्रशासन द्वारा कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सभी संवेदनशील स्थलों पर वरिष्ठ अधिकारियों की ड्यूटी लगायी गयी है ताकि किसी भी प्रकार की प्रदेश में गड़बडी न हो सके।
प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों द्वारा प्रदेश भर में सभी प्रमुख धर्म गुरूओं से संवाद कर शांति व्यवस्था बनाये रखने में सहयोग मांगा गया है। थाना स्तर पर पीस कमेटी की बैठकों का आयोजन भी किया गया है तथा सिविल डिफेंस के कर्मियों को भी शांति एवं व्यवस्था बनाये रखने की जिम्मेदारी सौपी गयी है। सभी संवेदनशील स्थलों पर सीसीटीवी, वीडियों कैमरे व ड्रोन से आवश्यकतानुसार निगरानी की जायेगी। इस दौरान पुलिस सेक्टर योजना को भी लागू किया गया।
अपर मुख्य सचिव गृह ने प्रदेश भर में कड़ी सतर्कता बरतने व किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से कड़ाई से निपटनें के निर्देश दिये है। सभी जिलों में पुलिस द्वारा फुट पेट्रोलिंग व अर्द्व सैनिक बलों द्वारा फ्लैग मार्च किये जाने के भी निर्देश दिये गये है।
यह भी निर्देशित किया गया है कि सेना में भर्ती को लेकर आयी नयी योजना का विरोध करने वाले युवकों को समझा बुझाकर सही तथ्यों से अवगत कराया जाये। किसी भी प्रकार से उन्हें माहोल खराब करने की इजाजत न दी जाये।
जिला व पुलिस प्रशासन के अधिकारियों से यह भी अपेक्षा की गयी है कि वह पिछले अनुभवों से सीख लेते हुये समुचित पुलिस प्रबन्धन की व्यवस्था करे। सभी वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी संवेदनशील क्षेत्रों का पहले से भ्रमण कर शांति एवं व्यवस्था बनाये रखने के जरूरी प्रबन्ध सुनिश्चित करें।