#Ghaziabad: कूड़े के ढेर में पीपीई किट: किसकी लापरवाही, जिम्मेदार कौन?

Share

गाजियाबाद। सिकरोडा के जंगल मे स्तिथ डंपिंग ग्राउंड में खुले में पड़ी मिली पीपीई किट। आखिर किसकी होगी जवाबदेही। आसपास फैला संक्रमण का खतरा। स्वास्थ्य विभाग में मचा हड़कंप जांच बैठाई जल्द प्रस्तुत होगी रिपोर्ट।

जानकारी के अनुसार कोविड 19 कोरोना महामारी के चलते पूरी दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है। स्वास्थ्यकर्मी कोरोना वॉरियर्स के रूप में मरीज़ों की दिन रात सेवा में लगे हैं। वो ख़ुद को इस संक्रमण से बचाने के लिए पीपीई किट का इस्तेमाल करते है। कोविद प्रोटोकोल और स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन के अनुसार इस पीपीई किट के इस्तेमाल के बाद बायो मेडिकल वेस्ट की तरह डंप किया जाता है।

दरअसल मामला डासना के पास स्तिथ डंपिंग ग्राउंड बना है जहाँ पर कूड़ा डाला जाता है।
इस डंपिंग ग्राउंड में पड़े कूड़े में इस्तेमाल की गई पीपीई किट पड़ी मिलने से हड़कंप मच गया हालांकि पीपीई किट की हालत देखने से ऐसा प्रतीत होता है कि ये किट काफी पुरानी है और किसी ने इसे इस्तेमाल कर यहाँ फेंका हो सकता है।

वहां पर कूडा बीन रहे लोगो से बात की गई तो उन्हें जानकारी नही की ये क्या है। अब अगर उन्हें संक्रमण जैसी बीमारी ने अपनी चपेट में ले लिया तो उसका पूरा परिवार ही संक्रमण की चपेट में आने की आशंका के साथ अन्य लोगो को भी आशंका से इनकार नही किया जा सकता। ये लोग भले ही इस बात की गंभीरता को नहीं जानते लेकिन ये किट यहाँ जिन लोगों द्वारा फेंकी गई है वो इस बात से अनजान हों ऐसा हरगिज़ नहीं हो सकता है।

विदित है कि इस डंपिंग ग्राउंड के तीन किलोमीटर के दायरे में डासना सीएचसी, सुंदरदीप क्वॉरंटीन सेंटर और आईएमएस कवारंटिन सेंटर स्थित है।आख़िर ये पीपीई किट इस डम्पिंग ग्राउंड में कैसे पहुँची ये एक जाँच का विषय है। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि इस तरह की सूचना प्राप्त हुई है कि आखिर डंपिंग ग्राउंड में पीपीई किट कैसे पहुंची और किन लोगों ने यहां पर इसको फेंका है। इस मामले की जांच पड़ताल कराई जा रही है। जल्दी इस मामले की जांच करा ली जाएगी।