फाजिल्का में पंजाब सरकार के खिलाफ कर्मचारियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन डेमोक्रेटिक जंगलात मुलाजिम यूनियन पंजाब के सदस्यों द्वारा आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान, कर्मचारियों ने वन रेंज ऑफिस के बाहर सरकार का पुतला फूंका और अनेक नारे लगाकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व यूनियन के अध्यक्ष पूर्ण सिंह ने किया, जिन्होंने स्थायीकरण की अपनी प्रमुख मांग को प्रमुखता से रखा।
कर्मचारियों का कहना है कि वे बीते 20-25 वर्षों से वन विभाग में कार्यरत हैं, लेकिन इस लंबे समय के बावजूद उन्हें स्थायी स्थिति में नहीं लाया गया है। उनके अनुसार, सत्ता में आने से पूर्व सरकार ने अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी नौकरी देने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने सरकार की इस अनदेखी पर गहरी निराशा व्यक्त की और उनकी संघर्ष की भावना को दृढ़ता से प्रदर्शित किया।
यूनियन ने अपनी मांगों के लिए चेतावनी दी है कि अगर सरकार उनके मुद्दों पर ध्यान नहीं देती है, तो वे आगामी 25 जनवरी को जंगलात मंत्री के आवास के बाहर धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लेंगे। प्रदर्शनकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर उनकी बात नहीं सुनी गई, तो वे मुख्यमंत्री का घेराव करने के लिए मजबूर होंगे। पूर्ण सिंह ने इस संदर्भ में स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं की जातीं।
इस प्रकार, फाजिल्का में यह प्रदर्शन न केवल अस्थायी कर्मचारियों के लिए स्थायीकरण की मांग को उठाने का एक प्रयास है, बल्कि यह सरकार के प्रति असंतोष और नाराजगी को भी उजागर करता है। कर्मचारियों का यह समर्पण दर्शाता है कि वे अपनी जायज मांगों के लिए किसी भी तरह के संघर्ष से पीछे नहीं हटेंगे। वे आशा करते हैं कि उनकी आवाज सुनी जाएगी और सरकार इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाएगी।
इस स्थिति में देखा जा सकता है कि कर्मचारी संगठनों द्वारा किए गए इस तरह के प्रदर्शनों का महत्व कितना होता है। जब लोग अपने हक के लिए एकजुट होते हैं, तो यह सरकारों को जागरूक करने और आवश्यक सुधारों की ओर प्रेरित करने में सहायक होता है। देखें कि क्या पंजाब सरकार औपचारिक रूप से इस आंदोलन का संज्ञान लेगी या कर्मचारियों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखना पड़ेगा।
