हिमाचल प्रदेश में गुरुवार की सुबह बर्फबारी का सिलसिला कई क्षेत्रों में देखने को मिला। शिमला, जो राज्य की राजधानी है, में भी हल्की बर्फबारी हुई है, जिसके परिणामस्वरूप कुफरी, नारकंडा और खड़ापत्थर में बर्फ की एक से डेढ़ इंच की मोटाई जम गई है। वहीं, लाहौल स्पीति के सिस्सू, कोकसर और अटल टनल रोहतांग में बर्फ की मोटाई 2 इंच तक पहुंच गई है। सुरक्षा की दृष्टि से लाहौल स्पीति की पुलिस ने पर्यटकों और स्थानिक लोगों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। अटल टनल रोहतांग में केवल चार पहिया वाहनों (4×4) को ही आवाजाही की अनुमति दी जा रही है।
मौसम विभाग ने किन्नौर, लाहौल स्पीति, चंबा, शिमला, कुल्लू, कांगड़ा और मंडी के ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी का अलर्ट जारी किया है। इस बर्फबारी के चलते सड़कों पर फिसलन की स्थिति उत्पन्न हो गई है। प्रशासन ने सभी पर्यटन और स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें। हालिया हिमपात के कारण नारकंडा और खड़ापत्थर के क्षेत्रों में यात्रा करना खतरनाक हो सकता है। शिमला के मैदानी क्षेत्र में सुबह चार बजे से ही रुक-रुक कर वर्षा हो रही है, और मौसम विभाग ने पूरे दिन भारी वर्षा और हिमपात की संभावना जताई है।
जनवरी में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव 17 से 20 तारीख के बीच कम होता दिख रहा है। इन दिनों चंबा, किन्नौर और लाहौल स्पीति के कुछ हिस्सों में हल्का हिमपात हो सकता है। इसके बाद 21 जनवरी को पश्चिमी विक्षोभ एक बार फिर सक्रिय हो जाएगा। मौसम विभाग ने छह जिलों – ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, मंडी, सोलन और सिरमौर में शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में अगले तीन दिनों तक घने कोहरे की आशंका है, जिससे सुबह के समय दृश्यता 50 मीटर तक सीमित हो सकती है।
पिछले एक सप्ताह से मैदानी क्षेत्रों में कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित किया है। हालांकि, जनवरी महीने में अब तक सामान्य से 85 प्रतिशत कम बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, 1 से 15 जनवरी के बीच सामान्य तौर पर 32.1 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए, लेकिन इस बार केवल 4.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इससे साफ है कि जनवरी में बादल कम बरस रहे हैं, जबकि दिसंबर में अच्छी बारिश देखी गई थी। कुल मिलाकर, हिमाचल प्रदेश में मौसम के बदलावों ने लोगों की दिनचर्या और यात्रा पर भी असर डाला है, और सभी से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।
