शिअद की बैठक: प्रमुख इस्तीफे पर मंथन, चीमा बोले – केंद्र-पंजाब की साजिश का शिकार!

Share

शिरोमणि अकाली दल की वर्किंग कमेटी की बैठक हाल ही में चंडीगढ़ में पार्टी कार्यालय में हुई, जिसमें कार्यकारी अध्यक्ष बलविंदर सिंह भूंदड़ ने बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के इस्तीफे पर चर्चा करना था। हालांकि, इस मुद्दे पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया और इसे टाल दिया गया। बैठक के दौरान यह तय किया गया कि पार्टी जल्द ही जिला और विधानसभा क्षेत्र स्तर की बैठकें आयोजित करेगी, जिससे विभिन्न स्तर के नेताओं से फीडबैक प्राप्त कर आगे की रणनीति निर्धारित की जा सके।

तकरीबन चार घंटे तक चली इस बैठक में चार महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। कार्यकारी अध्यक्ष भूंदड़ ने बताया कि पहले मुद्दे के तहत चंडीगढ़ को पंजाब का अभिन्न हिस्सा मानते हुए स्पष्ट किया गया कि इसे किसी अन्य राज्य को नहीं दिया जाएगा। दूसरे मुद्दे में किसानों के साथ मंडियों में हो रही लूट का जिक्र किया गया, जिसमें किसानों को डीएपी खाद की सप्लाई की कमी के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भूंदड़ ने मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया कि सरकार किसान मुद्दों को सुलझाने में बेहद नाकाम साबित हुई है। इसके अलावा, यूनिवर्सिटी सैनिट के समाप्त होने की बात भी उठाई गई, जिसके चलते सरकार द्वारा लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने का आरोप भी लगाया गया।

इस बैठक में प्रमुखता से पार्टी के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के इस्तीफे पर विचार किया गया। पार्टी ने यह भी सुनिश्चित किया कि प्रत्येक जिला स्तर पर मीटिंग आयोजित की जाएगी ताकि वहां के अध्यक्षों से संवाद कर किसी उचित निर्णय पर पहुंचा जा सके। इस प्रकार, पार्टी ने सभी हिस्सों को इस प्रक्रिया में शामिल करने का प्रयास किया है।

बातचीत के अन्य हिस्से में, अकाली दल के वरिष्ठ नेता दलजीत सिंह चीमा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर पंजाब के खिलाफ एक बड़ी साजिश रच रही है। उन्होंने कहा कि सरकार पंजाब को कुछ देने का विचार नहीं कर रही है, बल्कि पंजाबियों के अधिकार भी छीने जा रहे हैं। चीमा ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे उन नीतियों का समर्थन कर रहे हैं, जो पंजाबियों के हकों के खिलाफ हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब की जनता इस अन्याय को माफ नहीं करेगी।

इस तरह की बैठकें और विचार-विमर्श आगामी दिनों में शिरोमणि अकाली दल की दिशा और रणनीति को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। पार्टी ने अब जिला स्तर की बैठकों का आयोजन करने का निर्णय लिया है, जिससे नेताओं और कार्यकर्ताओं की आवाज़ को सुना जा सके।