प्रदूषणीय धुंध से स्कूल बंद: पानीपत समेत 13 जिलों में खतरा, पंजाब में 3 की मौत!

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हरियाणा में बढ़ते प्रदूषण और धुंध के कारण पानीपत जिले के प्राइमरी स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी किया गया है। पानीपत जिला प्रशासन ने इस संबंध में एक आधिकारिक निर्देश जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि हरियाणा सरकार ने धुंध और प्रदूषण की स्थिति को देखते हुए प्राइमरी स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया है। हालांकि, इस मामले में अंतिम निर्णय जिलاتی प्रशासन पर निर्भर करेगा। उपायुक्तों को आवश्यक निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने जिलों की स्थिति का आकलन कर उचित निर्णय लें।

वहीं, दिल्ली-एनसीआर में भी प्रदूषण की गंभीर हालत को देखते हुए ग्रैप-3 लागू कर दिया गया है। हरियाणा के 14 शहरों को एनसीआर में शामिल किया गया है, जिनमें गुरुग्राम, पानीपत, सोनीपत और रोहतक जैसे शहर शामिल हैं। इन शहरों में प्राइमरी स्कूलों के बंद होने की जानकारी आ चुकी है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। इस बीच, पंजाब में भी कोहरे के कारण एक दुर्घटना हुई है, जिसमें तीन लोगों की tragically मौत हो गई है और दो अन्य घायल हुए हैं।

हरियाणा में रविवार की सुबह धुंध की वजह से दृश्यता केवल 30 मीटर रह गई थी, जिससे प्रशासन और मौसम विभाग ने घनी धुंध का येलो अलर्ट जारी किया है। हिसार में इस मौसम का अब तक का सबसे कम तापमान 11.5 डिग्री दर्ज किया गया है, जबकि रोहतक में तापमान 15.7 डिग्री पर रहा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, नवंबर में यह पहली बार हुआ जब रात का पारा सामान्य श्रेणी में आया है। आमतौर पर हरियाणा में घने कोहरे की दस्तक दिसंबर में होती है, लेकिन इस साल यह एक महीने पहले ही आ गया है।

पंजाब के 14 जिलों में कोहरे के चलते दृश्यता में कमी जारी है, जिसके कारण कई स्थानों पर विजिबिलिटी शून्य के करीब पहुंच गई है। अमृतसर, कपूरथला, और जालंधर जैसे शहरों में धुंध के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। चंडीगढ़ में हालांकि हालात में थोड़ी सुधार देखा गया है, जहां एयर क्वालिटी इंडेक्स में गिरावट आई है। हरियाणा के आठ शहरों में प्रदूषण की स्थितियां चिंताजनक बनी हुई हैं, जहां भिवानी का एक्यूआई 579 तक पहुंच गया है, जो चिंता का विषय है।

हरियाणा राज्य में अगले कुछ दिनों में शुष्क मौसम रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 21 नवंबर तक स्थिति सामान्य रहने की उम्मीद है। लेकिन 22 नवंबर को एक और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बदलाव संभव है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने भी प्रदूषण की गंभीरता पर ध्यान देते हुए विभिन्न उपायों पर चर्चा की है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि शहरी क्षेत्रों में प्रतिबंधित वाहनों को तत्काल जब्त किया जाए और प्रदूषण जांच प्रमाण पत्र के बिना वाहनों का चालान किया जाए।

इस प्रकार, हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में मौसम, प्रदूषण, और दुर्घटनाओं की स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। आगे की प्रक्रिया और स्थितियों के आधार पर स्थानीय प्रशासन और सरकार को उचित कदम उठाने होंगे ताकि नागरिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित किया जा सके।