अमृतसर में बड़ा नार्को रैकेट बेनकाब: 3.5 किलो हेरोइन समेत दो युवक गिरफ्तार!

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अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन के तहत सीमा पार से होने वाली नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध हथियारों के व्यापार को उजागर किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से 3.5 किलोग्राम हेरोइन, 1.5 किलोग्राम मेथाक्वालोन पाउडर और एक अत्याधुनिक 9 एमएम ग्लॉक पिस्तौल सहित दो अन्य पिस्तौल बरामद की गई हैं। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान वंश उर्फ बिल्ला और सोनू चौरसिया के रूप में की है, जो अमृतसर के निवासी हैं।

डीजीपी ने जानकारी दी कि यह तस्करी सीमांत क्षेत्रों से की जा रही थी, और मेथाक्वालोन का इस्तेमाल अक्सर मेट्रोपॉलिटन शहरों में रेव पार्टीज में किया जाता है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, ये आरोपी पिछले तीन महीने से इस अवैध गतिविधि में शामिल थे। अमृतसर पुलिस कमिश्नर (सीपी) गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि वंश उर्फ बिल्ला को पकड़ने के लिए सीआईए अमृतसर की एक टीम ने मोहकमपुरा इलाके में जाल बिछाया था।

इस ऑपरेशन के दौरान वंश के पास से एक बड़ा मात्रा में मादक पदार्थ और एक 9 एमएम ग्लॉक पिस्तौल बरामद की गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि आरोपी उच्च स्तर की तस्करी में शामिल थे। वहीं, सोनू चौरसिया को भी मोहकमपुरा क्षेत्र में एक अन्य कार्रवाई के तहत गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से 32 बोर का पिस्तौल मिला। पुलिस ने बताया कि इन दोनों अभियुक्तों से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी हासिल करने के लिए जांच जारी है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले में दो अलग-अलग प्राथमिकी थाना मोहकमपुरा में दर्ज की गई हैं। पुलिस ने इससे जुड़े अन्य असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है, जिससे ये स्पष्ट होता है कि पुलिस प्रशासन इस प्रकार की अवैध गतिविधियों को जड़ से समाप्त करने के लिए संकल्पित है। अमृतसर पुलिस की इस विशेष कार्रवाई ने तस्करी के धंधे में बड़ी सफलता हासिल की है और इससे पता चलता है कि सुरक्षा एजेंसियाँ सीमा पार से होने वाली अवैध गतिविधियों की रोकथाम हेतु सक्रिय हैं।

पुलिस का मानना है कि आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं और इस प्रकार की तस्करी की चेन को तोड़ने के लिए वे उग्र वारदातों का सामना करने के लिए तत्पर हैं। यह घटनाएं स्पष्ट रूप से इस बात का संकेत हैं कि राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध हथियारों की बिक्री के खिलाफ कार्रवाई और सख्त की जाएगी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पुलिस इस जांच में और किन-किन महत्वपूर्ण सुरागों पर पहुंचती है।