नवांशहर पुलिस की शानदार कार्रवाई: 10 साल बड़े लड़के से होने वाला बाल विवाह रुकवाया!

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नवांशहर जिले में पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए एक बाल विवाह को अविलंब रोक दिया। यह सूचना क्राइम अगेंस्ट वुमेन एंड चाइल्ड विंग के डीएसपी शाहबाज सिंह को मिली थी, जिसके बाद उन्होंने एक विशेष टीम का गठन कर एक गांव में भेजा। वहां उन्होंने एक नाबालिग लड़की के घर जाकर विवाह समारोह को रोकने में सफलता प्राप्त की। इस मामले में करीब 15 वर्षीय लड़की के परिवार वालों ने उसकी शादी लुधियाना के एक 25 वर्षीय युवक के साथ तय की थी, जो कि आज गांव के मंदिर में संपन्न होने वाला था।

पुलिस की टीम जब लड़की के घर पहुंची, तो पाया कि वह दुल्हन के लिबास में तैयार खड़ी थी। पुलिस ने तुरंत ही वहां पहुंचकर लड़की के परिवार के सदस्यों से बातचीत की और उन्हें कानूनी रूप से बाल विवाह की रोकथाम के महत्व के बारे में समझाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय कानून के तहत 18 वर्ष से कम उम्र की किसी भी लड़की की शादी वैध नहीं है। इस दौरान, डीएसपी ने बताया कि उन्हें यह जानकारी मिली थी कि लड़की पहले भी अपने घर से भाग चुकी थी, जिसके कारण उसके माता-पिता उसे जल्दी शादी कराना चाहते थे, ताकि वे अपनी जिम्मेदारी से मुक्त हो सकें।

पुलिस ने शादी की तैयारियों को देखते हुए दूल्हे के परिवार को भी यह निर्देश दिया कि वे बारात लेकर गांव न आएं। इसके अलावा, गांव के पंचायत के सदस्यों को भी इस बात के लिए सूचित किया गया। अगर लड़की अपने घर में सुरक्षित नहीं महसूस करती है, तो उसे चाइल्ड केयर नारी निकेतन भेजने की चेतावनी भी दी गई। डीएसपी ने बताया कि यह मामला बाल भलाई कमेटी को सौंपा जाएगा, जहां लड़की की देखभाल और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।

यदि दूल्हे के परिवार के लोग यहां आते हैं, तो उनकी भी काउंसिलिंग की जाएगी। विशेष रूप से, डीएसपी ने जोर देकर कहा कि बाल विवाह के मामलों में पुलिस पहले काउंसिलिंग और समझाइश करने की प्रक्रिया अपनाएगी। अगर इसके बावजूद विवाह के प्रयास नहीं बंद होते हैं, तो संबंधित पक्ष के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने यह दर्शाया है कि कानून के अंतर्गत बाल विवाह रोकने के प्रयास निरंतर जारी हैं, और समाज को इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर अधिक जागरूक होने की आवश्यकता है।

इस प्रकार की कार्रवाई यह साबित करती है कि पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी नहीं उठाती, बल्कि सामाजिक समस्याओं के प्रति भी सजग रहती है। समाज में बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त करने के लिए सभी को एकजुट होकर काम करना होगा और उचित जागरूकता फैलानी होगी।