हथियार प्रदर्शन मामले में पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी साक्ष्य के अभाव में बरी

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हथियार प्रदर्शन मामले में पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी साक्ष्य के अभाव में बरी

पलामू, 9 अक्टूबर (हि.स.)। वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में डालटनगंज विधानसभा क्षेत्र के चैनपुर के कोशियारा बूथ पर हथियार लहराने के मामले में पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी को पलामू जिला व्यवहार न्यायालय के एमपी-एमएलए कोर्ट के स्पेशल मजिस्ट्रेट अमित आकाश सिन्हा की अदालत ने बुधवार को बरी कर दिया है। साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने त्रिपाठी को बरी किया।

उल्लेखनीय है कि इस संबंध में पथ निर्माण विभाग पथ प्रमंडल डालटनगंज में कार्यरत कनीय अभियंता राजीव रंजन ने चैनपुर थाना में कांड संख्या 307/2019 में भादवि की धारा 188 व 134 बी लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत दर्ज किया था। त्रिपाठी पर आरोप था कि सूचक 30 नवम्बर 2019 को चैनपुर के कोशियारा बूथ नम्बर 73, 72, 71, 74, 75 व 76 की डयूटी कर रहे थे। सुबह 10.40 बजे कांग्रेस के प्रत्याशी केएन त्रिपाठी बूथ पर आ गए तथा लोगों से पूछे कि कैसा वोटिंग चल रहा है। इसपर वहां पर वोट करने वाले लोगों ने कहा ठीक से तब उन्होंने कहा कि देखेंगे। इस बात पर जनता उग्र हो गई तथा उन्हें वापस जाने के लिए कहने लगी।

जब केएन त्रिपाठी ने जनता का उग्र रूप देखा तो उन्होंने अपनी पिस्टल निकाल ली तथा बोला कि कोई हममें नहीं सटेगा। इस पर जनता द्वारा उन्हें दौड़ा दिया गया तथा वह भागकर वहां से चले गए। कांगेस प्रत्याशी के द्वारा आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया गया तथा इनके द्वारा हथियार का प्रदर्शन किया गया।

इस केस में 10 गवाहों की गवाही हुई लेकिन अभियोजन आरोप साबित करने में असफल रहा। अदालत ने साक्ष्य के आधार पर निर्दाेष पाते हुए पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी को बरी कर दिया।

इधर, केस से बरी होने पर केएन त्रिपाठी ने कहा कि घटना के दिन भी मैंने कोई गोलीबारी नहीं की थी। झूठा आरोप मेरे ऊपर लगाया गया। मेरी गाड़ी पर हमला हुआ था। जान मारने का प्रयास किया गया था। फर्जी मुकदमा कर जनता को गुमराह किया गया। अंगरक्षकों ने मुझे बचाया। न्यायपालिका से आज मुझे न्याय मिला। न्याय पालिका ने दूध का दूध व पानी का पानी कर दिया। अब मुझे न्यायालय से न्याय मिल गया है, अब जनता का न्याय बाकी है।

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