11HREG203 “सीमान्त गांवों का विकास कैसे हो” विषय पर स्कूली छात्र-छात्राओं से मुख्यमंत्री ने किया संवाद
-वरुणावत पर्वत पर भी रोप-वे से जोड़ने पर किया जाएगा कार्य
उत्तरकाशी, 11 जून (हि.स.)। मुख्यमंत्री ने रविवार को उत्तरकाशी स्थित काशी विश्वनाथ मन्दिर, शक्ति मंदिर और हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली और तरक्की की कामना की।
उत्तरकाशी भ्रमण के दूसरे दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लो.नि.वि. निरीक्षण भवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए “सीमान्त गांवों का विकास कैसे हो” विषय पर स्कूली छात्र-छात्राओं, एनसीसी कैडेट्स के साथ संवाद किया। साथ ही उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों, पूर्व सैनिक संगठन, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, व्यापार मंडल, बार एसोसिएशन व अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ संवाद एवं भेंट वार्ता की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शौर्य स्थल उत्तरकाशी के सौंदर्यीकरण और टीन शेड बनाये जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि शौर्य स्थल में प्रतीक्षालय का निर्माण को स्थानीय विधायक सुरेश चौहान की विधायक निधि से धनराशि की व्यवस्था की जायेगी। इस दौरान उन्होंने शहीदों के परिजनों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया।
“सीमान्त गांवों का विकास कैसे हो” विषय पर स्कूली छात्र-छात्राओं से संवाद के दौरान मुख्यमंत्री धामी के समक्ष सीमांत क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, संचार जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज सीमांत गांवों के विकास को प्राथमिकता से लिया जा रहा है। वाइब्रेंट विलेज के तहत सीमांत क्षेत्रों में बसे गांवों को विकसित करने की योजना है। उन्होंने कहा राज्य सरकार, सरकारी नौकरियों के साथ युवाओं को स्वरोजगार की ओर भी जोड़ रही है। सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ाने के लिए होम स्टे जैसे सम्भावनाशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर रोजगार की व्यवस्था के भी कारगर प्रयास किये जा रहे हैं।
इस दौरान उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना के तहत महिलाओं को सशक्त बनाने का कार्य किया जा रहा है। उत्तराखंड में सरकार शिक्षा एवं चिकित्सा पर विशेष ध्यान दे रही है। आयुष्मान भारत योजना के तहत लाखों लोगों को मुफ्त में इलाज मिल रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में चार धाम यात्रा गतिमान है। चार धाम यात्रा उत्तराखंड की लाइफ लाइन है। इससे लाखों लोगों को रोजगार मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वत माला मिशन के तहत उत्तराखंड के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों को रोप-वे से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। जिसमें यमुनोत्री धाम भी शामिल है। वरुणावत पर्वत को भी रोप वे से जोड़ने पर कार्य किया जाएगा। हर्षिल जैसी सीमांत क्षेत्रों में सेब की बागवानी को बढ़ावा देने हेतु राज्य सरकार ने एप्पल मिशन में धनराशि का प्रावधान 6 करोड़ से बढ़ाकर 35 करोड़ कर दिया है। जिससे अधिक से अधिक किसानों को फायदा मिलेगा। इसके उपरांत मुख्यमंत्री धामी ने भाजपा पदाधिकारियों के साथ बैठक भी की।